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है तेरा आसरा दीन बंधु दुखियों के दाता
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इकरार अहमद.....नौचंदी पटेल मंडप में लोक संध्या में अपनी प्रस्तुति देते गायक कलाकार।
मेरठ। प्रांतीय नौचंदी मेले में पटेल मंडप के मंच पर आयोजित लोकगीत कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश में ख्याति प्राप्त लोक गायक सुरेश कुशवाहा और प्रतिभाशाली गायिका मानवीय जया ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना ‘वक्रतुंड महाकाय’ के साथ हुआ। मंत्रोच्चारण ने श्रोताओं को भक्ति के रंग में डुबो दिया। इसके बाद सुरेश कुशवाहा ने ‘है तेरा आसरा दीन बंधु दुखियों के दाता’ गाकर सभी के भक्ति भाव को और गहरा किया। देशभक्ति से ओतप्रोत उनके गीत ‘देश के दुश्मन तुझे हंसने नहीं देंगे तुझे भारत की सीमा में घुसने नहीं देंगे’ ने दर्शकों में जोश भर दिया।
कौमी एकता को समर्पित सुरेश कुशवाहा का गीत ‘एक ही पिता की हैं दो संतान, एक बना हिंदू दूजा मुसलमान’ ने एकता का संदेश दिया। इसके अलावा सामाजिक संदेश देते हुए ‘दारू बदनाम हो, नशे में सारी दुनिया’ और ‘दुश्मन मिले सवेरा, लेकिन मतलबी यार ना मिले’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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लोक गायिका मानवीय जया ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। उनके गीत ‘पटना से बैदा बुलाईदा कामा, गाड़ी वाले दुपट्टा उड़ा जाए रे’ और ‘रेलया बैरन पिया को लिया जाये’ ने लोक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाया। नगर निगम इंस्पेक्टर जितेंद्र अग्रवाल, मेला समिति के सदस्य संजय जैन, नरेंद्र राष्ट्रवादी, अंकुर गोयल, राकेश गौड़ और नासिर सैफी आदि मौजूद रहे।
सामाजिक एकता का दिया संदेश
पटेल मंडप में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। सुरेश कुशवाहा को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2024 में भोजपुरी गौरव रत्न और 2022 में भोजपुरी कला सम्राट सम्मान से नवाजा गया है। वह लोक कला जनजाति के भी सदस्य भी हैं।
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कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना ‘वक्रतुंड महाकाय’ के साथ हुआ। मंत्रोच्चारण ने श्रोताओं को भक्ति के रंग में डुबो दिया। इसके बाद सुरेश कुशवाहा ने ‘है तेरा आसरा दीन बंधु दुखियों के दाता’ गाकर सभी के भक्ति भाव को और गहरा किया। देशभक्ति से ओतप्रोत उनके गीत ‘देश के दुश्मन तुझे हंसने नहीं देंगे तुझे भारत की सीमा में घुसने नहीं देंगे’ ने दर्शकों में जोश भर दिया।
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कौमी एकता को समर्पित सुरेश कुशवाहा का गीत ‘एक ही पिता की हैं दो संतान, एक बना हिंदू दूजा मुसलमान’ ने एकता का संदेश दिया। इसके अलावा सामाजिक संदेश देते हुए ‘दारू बदनाम हो, नशे में सारी दुनिया’ और ‘दुश्मन मिले सवेरा, लेकिन मतलबी यार ना मिले’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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लोक गायिका मानवीय जया ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। उनके गीत ‘पटना से बैदा बुलाईदा कामा, गाड़ी वाले दुपट्टा उड़ा जाए रे’ और ‘रेलया बैरन पिया को लिया जाये’ ने लोक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाया। नगर निगम इंस्पेक्टर जितेंद्र अग्रवाल, मेला समिति के सदस्य संजय जैन, नरेंद्र राष्ट्रवादी, अंकुर गोयल, राकेश गौड़ और नासिर सैफी आदि मौजूद रहे।
सामाजिक एकता का दिया संदेश
पटेल मंडप में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। सुरेश कुशवाहा को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2024 में भोजपुरी गौरव रत्न और 2022 में भोजपुरी कला सम्राट सम्मान से नवाजा गया है। वह लोक कला जनजाति के भी सदस्य भी हैं।