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Meerut News: विकास कार्यों में बरती अनियमितता, मांगा स्पष्टीकरण
Thu, 14 Mar 2024 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 14 Mar 2024 12:53 AM IST
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सहारनपुर। बलियाखेड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूभरी के ग्राम सचिव और प्रधान पर ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत सूचना भी मांगी गई। आरोप है कि गलत और तथ्यहीन सूचना दी गई। इसकी शिकायत आयोग और जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों की गई। इसके बाद डीएम ने जांच बैठा दी। ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से 15 मार्च तक स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
दरअसल, गांव सूभरी निवासी पदम सिंह, सुरेशपाल, राजपाल, पवन, रामेश्वर आदि ने विकास कार्य में लापरवाही और गड़बड़झाले का आरोप लगाया था। विकास से संबंधित कई बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी। आरोप है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने समय से सूचना नहीं दी। बाद में जो सूचना दी गई, वह भी गलत थी। इसकी शिकायत मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और आयोग में की गई।
इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने पूरे मामले की जांच करने के निर्देश जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल को दिए। उन्होंने मौके पर जाकर जांच की और दस्तावेज चेक किए। उन्होंने बताया जांच चल रही है। कुछ खामियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। सूचना न देने पर 15 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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दरअसल, गांव सूभरी निवासी पदम सिंह, सुरेशपाल, राजपाल, पवन, रामेश्वर आदि ने विकास कार्य में लापरवाही और गड़बड़झाले का आरोप लगाया था। विकास से संबंधित कई बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी। आरोप है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने समय से सूचना नहीं दी। बाद में जो सूचना दी गई, वह भी गलत थी। इसकी शिकायत मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और आयोग में की गई।
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इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने पूरे मामले की जांच करने के निर्देश जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल को दिए। उन्होंने मौके पर जाकर जांच की और दस्तावेज चेक किए। उन्होंने बताया जांच चल रही है। कुछ खामियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। सूचना न देने पर 15 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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