IPL 2024: आखिर कैसे बदली समीर की किस्मत, 8.40 करोड़ की बोली से झूम उठा परिवार, धोनी को लेकर कही बड़ी बात
IPL 2024 : समीर रिजवी ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता हसीन और मामा व कोच तनकीब अख्तर को दिया। तनकीब ने हमेशा उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके लिए समीर ने उन्हें शुक्रिया कहा।
विस्तार
20 साल के समीर रिजवी पांच साल की उम्र से क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं। पिछले दिनों यूपी लीग में 35 छक्के लगाए तो उन्हें सिक्सर किंग कहने लगे। ऑस्ट्रेलियाई स्टार खिलाड़ी डेविड वार्नर ने भी एक्स पर उन्हें बधाई दी है। मूल रूप से लोईया गांव के रहने वाले पिता हसीन ने समीर को गांधीबाग में कोचिंग के लिए भेजा था। गांधीबाग में समीर के मामा तनकीब अख्तर कोचिंग कराते हैं। उन्होंने समीर को क्रिकेट का क, ख, ग सिखाया। बाद में बेटे की वजह से परिवार मेरठ ही शिफ्ट हो गया। फिलहाल यहां लालकुर्ती में रहता है।
समीर ने अंडर 14, 16, 19 खेला है। वर्ल्डकप अंडर 19 टीम के लिए मुंबई में लगे कैम्प में भी उनका सलेक्शन हुआ था। इसके बाद वह रणजी ट्रॉफी खेलते आ रहे हैं। हाल ही में यूपी लीग में उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन किया था। कानपुर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 10 मैच में 455 रन बनाए, जिसमें दो शतक थे। इस दौरान 35 छक्के लगाए थे। इसके बाद से उन पर सबकी नजरें थीं। इस बार आईपीएल में उनके सलेक्शन की सभी की उम्मीद थी।
इसके बाद उन्होंने सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। स्टेट अंडर 23 ए ट्रॉफी का फाइनल भी उन्होंने जिताया। फाइनल मैच में उन्होंने 85 रन की पारी खेली थी। इसके अलावा उन्होंने इसी शृंखला में दो शतक भी जड़े थे। समीर को उनकी इसी मेहनत का फल मिला है।
पिता और कोच को दिया श्रेय, बोले-धोनी का साथ मिलेगा
समीर ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता हसीन और मामा व कोच तनकीब अख्तर को दिया। तनकीब ने हमेशा उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके लिए समीर ने उन्हें शुक्रिया कहा। समीर ने कहा कि आईपीएल में सलेक्शन के बाद उन्हें सभी बड़े खिलाड़ियों के साथ रहने का मौका मिलेगा। उनसे क्रिकेट की बारीकियां सीखने को मिलेंगी। वहीं एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वार्नर द्वारा उन्हें बधाई देने पर समीर ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़कर उन्हें खुशी है। उन्हें महेंद्र सिंह धोनी का साथ मिलेगा जो उनके भविष्य के लिए और बेहतर होगा।
पिता बोले- बेटे ने गर्व से सीना चौड़ा किया
समीर के पिता हसीन ने उनके चयन पर खुशी जताई। कहा कि समीर ने गर्व से सीना चौड़ा कर दिया। उनके आवास पर जश्न का माहौल है। लोग बेटे की कामयाबी पर उन्हें बधाई दे रहे हैं। समीर कि मां रुकैया, भाई और उनकी दो बहनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
बीसीसीआई के नए नियम ने तोड़ा था समीर का अंडर-19 वर्ल्डकप का सपना
आईपीएल में चुने गए समीर रिजवी वेस्टइंडीज में साल 2020 में आयोजित अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्डकप में बतौर कप्तान टीम में शामिल हो सकते थे, लेकिन बीसीसीआई के नए नियमों ने उनका सपना तोड़ दिया था।
वह तब घरेलू क्रिकेट में अंडर-19 के कप्तान थे, लेकिन नए नियम ने उन्हें अंडर-19 प्रारूप से ही बाहर कर दिया था, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंडर-19 के कप्तान बनने से चूक गए थे। हुआ यह था कि कोरोना से पहले दो साल के बाद बने जन्म प्रमाण पत्र वाला खिलाड़ी अंडर-19 वर्ग में चार साल तक खेल सकता था, लेकिन लेकिन नए नियम से जन्म के दो साल के बाद बने जन्म प्रमाण पत्र वाले खिलाड़ी को अंडर-19 वर्ग में दो साल ही मौका मिलता है। इस कारण वह नहीं खेल पाए थे। इसका उन्हें, उनके परिजनों और कोच को अफसोस था। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और बेहतरीन क्रिकेट खेलते रहे और इसी मेहनत के बलबूते अब वह आईपीएल का हिस्सा बन गए हैं।
शिवम मावी को लखनऊ ने 6.4 करोड़ में खरीदा
मेरठ में मवाना के सीना गांव निवासी शिवम मावी को भी लखनऊ सुपर जॉइंट्स ने 6.4 करोड़ रुपये में खरीदा है। उनके लखनऊ की टीम में जाने पर मेरठ से नोएडा तक जश्न का माहौल है। शिवम की उम्र जब सात साल थी, तब उनके पिता पंकज मावी सीना गांव छोड़कर नोएडा शिफ्ट हो गए थे। शिवम मावी के लखनऊ में चयन होने पर विक्टोरिया पार्क के कोच संजय रस्तोगी और कोच शाहिद ने भी खुशी जताई है।
समीर की कामयाबी हमारे लिए गर्व की बात
समीर रिजवी का आईपीएल में किसी भी टीम के लिए खेलना उत्तर प्रदेश और मेरठवासियों के लिए गर्व की बात है। इसके लिए उन्हें बधाई। इससे सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। ये उत्तर प्रदेश क्रिकेट के लिए भी गर्व की बात है। खुशी की बात है। - युद्धवीर सिंह, डायरेक्टर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन
समीर के लिए 59 बोली लगीं
समीर के लिए 59 बोली लगीं। चेन्नई ने पहली बोली लगाई और गुजरात टाइटंस और चेन्नई के बीच बोली लगती रहीं। बीच में देहली कैपिटल ने भी एक बोली लगाई।
यह भी पढ़ें: दिनदहाड़े महिला की हत्या: मायके में थी सोनी, बाइक सवार बदमाशों ने बीच रास्ते रोककर ताबड़तोड़ बरसाईं गोलियां
रैना ने गिफ्ट किए थे गॉगल्स
समीर ने बताया कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरैश रैना उन्हें साल 2011 में मेरठ में रणजी ट्रॉफी के मैच में मिले थे। रैना ने उन्हें महंगे गॉगल्स (चश्मा) दिया था। साथ ही उन्होंने काफी सहयोग भी किया। समीर का कहना है कि उनके आइडल धोनी हैं।
यह भी पढ़ें: Meerut: आखिर तीसरी मंजिल से क्यों कूदा BCA का छात्र? सामने आई सुसाइड की बड़ी वजह, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल