{"_id":"60ef47478ebc3e7376778166","slug":"investigation-starts-in-electric-meter-scam-meerut-news-mrt54740319","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीटर घोटाले पर जांच शुरू, एमडी ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीटर घोटाले पर जांच शुरू, एमडी ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीटर घोटाले पर जांच शुरू, एमडी ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट
मेरठ। सवा तीन करोड़ रुपये के बिजली मीटर खरीद में बड़े खेल का खुलासा होने से पीवीवीएनएल में हड़कंप मचा है। एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मामले की जांच निदेशक वाणिज्य को सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
पीवीवीएनएल के वाणिज्य विभाग ने 33 हजार सिंगल फेस मीटरों की खरीद की है। खरीदे गए मीटरों का परीक्षण भी टेंडर करने वाले अधिशासी अभियंता मनीष कुशवाह ने किया है, जबकि नियमानुसार वह अधिकारी परीक्षण नहीं कर सकता जो टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहा हो।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में इस मामले को उजागर किया तो कंपनी के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह को बुलाकर मामले के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्हें जांच सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा। बंगारी ने बताया कि नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहने वाला अधिकारी सामग्री निरीक्षण/परीक्षण नहीं कर सकता है। इसलिए शुरूआती स्तर पर गड़बड़ी नजर आ रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
---
अब जांच पर भी सवाल
मीटर खरीद और परीक्षण का खेल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अंजाम दिया गया। ऐसा नहीं हो सकता कि मामले की जानकारी निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह को न हो। इसके बावजूद एमडी ने मामले की जांच निदेशक वाणिज्य को ही सौंप दी है। इससे जांच रिपोर्ट आने से पहले ही सवाल खड़े होने लगे हैं। ऊर्जा भवन में भी अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा रही।
विज्ञापन
मेरठ। सवा तीन करोड़ रुपये के बिजली मीटर खरीद में बड़े खेल का खुलासा होने से पीवीवीएनएल में हड़कंप मचा है। एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मामले की जांच निदेशक वाणिज्य को सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
पीवीवीएनएल के वाणिज्य विभाग ने 33 हजार सिंगल फेस मीटरों की खरीद की है। खरीदे गए मीटरों का परीक्षण भी टेंडर करने वाले अधिशासी अभियंता मनीष कुशवाह ने किया है, जबकि नियमानुसार वह अधिकारी परीक्षण नहीं कर सकता जो टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहा हो।
विज्ञापन
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में इस मामले को उजागर किया तो कंपनी के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह को बुलाकर मामले के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्हें जांच सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा। बंगारी ने बताया कि नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहने वाला अधिकारी सामग्री निरीक्षण/परीक्षण नहीं कर सकता है। इसलिए शुरूआती स्तर पर गड़बड़ी नजर आ रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
---
अब जांच पर भी सवाल
मीटर खरीद और परीक्षण का खेल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अंजाम दिया गया। ऐसा नहीं हो सकता कि मामले की जानकारी निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह को न हो। इसके बावजूद एमडी ने मामले की जांच निदेशक वाणिज्य को ही सौंप दी है। इससे जांच रिपोर्ट आने से पहले ही सवाल खड़े होने लगे हैं। ऊर्जा भवन में भी अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा रही।