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इंटरनेट की धीमी गति बन रही पढ़ाई में बाधा
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इंटरनेट की धीमी गति बन रही पढ़ाई में बाधा
मेरठ। शहर के ज्यादातर स्कूलों में लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं, लेकिन स्लो इंटरनेट और कमजोर नेटवर्क के कारण इन ऑनलाइन कक्षाओं में रुकावट आ रही है। ऐसे में छात्र और शिक्षक दोनों परेशान हैं। नेटवर्क कंजेशन के चलते छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण जानकारियों से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारी भी इस समस्या से परेशान हैं। मेरठ टेलीकॉम डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रचार मंत्री अवि सिंघल के मुताबिक शहर में प्रतिदिन 8.5 लाख यूजर्स सोशल साइट पर एक्टिव हैं। लॉकडाउन के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के साथ अन्य वीडियो स्ट्रीमिंग एप्स पर भी यूजर्स की संख्या 300 प्रतिशत तक बढ़ गई है। जिस कारण लोड बढ़ जाने से स्लो स्पीड और नेटवर्क कंजेशन की समस्या आ रही है।
नेटवर्क एक बड़ी समस्या
अभिभावक स्वाती ने बताया कि उसका बेटा शौर्य सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। ऑनलाइन क्लॉस में मुझे खुद भी बेटे के साथ समय देना पड़ रहा है। पहले स्वयं समझतीं हूं उसके बाद बच्चे को समझाती हूं, लेकिन स्लो इंटरनेट और नेटवर्क फेल हो जाने के चलते कई बार समस्या आती है और क्लास बीच में ही रह जाती है। जिससे काफी कुछ छूट जाता है।
नोट्स का करते हैं आदान प्रदान
गार्गी पब्लिक स्कूल गंगानगर की 12वीं छात्रा रिया शर्मा क्लास में जो पढ़ाया जाता हैं उसको सभी छात्र एक साथ पढ़ते हैं। हालांकि काफी संख्या में छात्रों को नेटवर्क के कारण समस्या होती है। ऐसे में क्लास के सभी स्टूडेंट नोट्स आपस में शेयर कर लेते हैं। क्लास के बाद भी कई बार टीचर से फोन पर क्वेरी करनी पड़ती हैं। एक टॉपिक्स समझने में काफी समय लग रहा हैं। अगर नेटवर्क कंजेशन न हो तो लाइव क्लास में पढ़ाया गया बहुत आसानी से समझ में आ जाएगा।
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दिन में नहीं आता नेटवर्क
दीवान स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र शशांक व श्रेयांश गोयल ने बताया कि एयरटेल, आईडिया, बीएसएनएल और वोडाफोन सभी नेटवर्क में समस्या रहती है। अमूमन दिन में नेटवर्क नहीं आता है। कई बार तो क्लास बीच में ही रह जाती है। हालांकि टीचर्स काफी हेल्प कर रहे हैं। बुक्स भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पुराने दोस्तों से कुछ बुक्स अरेंज की है।
ऑनलाइन नहीं हो पा रहा कार्य
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के सीनियर मैनेजर मोहित चौहान के अनुसार, ब्राडबैंड की स्पीड भी काफी स्लो हो गई है। मोबाइल से कनेक्टिविटी तो हो नहीं पा रही है। अमेरिकन कंपनी को ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइड कराते हैं। रात की शिफ्ट में तो काम हो जाता है लेकिन दिन की शिफ्ट में नेटवर्क फेलियर के कारण भारी असुविधा होती है। जियो के ब्रांडबैंड से भी अच्छी स्पीड नहीं मिल रही है।
ऑनलाइन हुआ पूरा बाजार
ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिकल, एमसीजी सहित बैंक, डाक और परंपारगत सभी सेग्मेंट ऑनलाइन एक्विटीज के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं। धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी लाइव प्रस्तुतिकरण किया जा रहा हैं। ऐसे में विभिन्न सोशल साइट्स में यूसेज तीन गुना तक बढ़ गया है। टेलीकॉलिंग के स्थान पर वीडियो मेसेज के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
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मेरठ। शहर के ज्यादातर स्कूलों में लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं, लेकिन स्लो इंटरनेट और कमजोर नेटवर्क के कारण इन ऑनलाइन कक्षाओं में रुकावट आ रही है। ऐसे में छात्र और शिक्षक दोनों परेशान हैं। नेटवर्क कंजेशन के चलते छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण जानकारियों से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारी भी इस समस्या से परेशान हैं। मेरठ टेलीकॉम डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रचार मंत्री अवि सिंघल के मुताबिक शहर में प्रतिदिन 8.5 लाख यूजर्स सोशल साइट पर एक्टिव हैं। लॉकडाउन के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के साथ अन्य वीडियो स्ट्रीमिंग एप्स पर भी यूजर्स की संख्या 300 प्रतिशत तक बढ़ गई है। जिस कारण लोड बढ़ जाने से स्लो स्पीड और नेटवर्क कंजेशन की समस्या आ रही है।
नेटवर्क एक बड़ी समस्या
अभिभावक स्वाती ने बताया कि उसका बेटा शौर्य सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। ऑनलाइन क्लॉस में मुझे खुद भी बेटे के साथ समय देना पड़ रहा है। पहले स्वयं समझतीं हूं उसके बाद बच्चे को समझाती हूं, लेकिन स्लो इंटरनेट और नेटवर्क फेल हो जाने के चलते कई बार समस्या आती है और क्लास बीच में ही रह जाती है। जिससे काफी कुछ छूट जाता है।
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नोट्स का करते हैं आदान प्रदान
गार्गी पब्लिक स्कूल गंगानगर की 12वीं छात्रा रिया शर्मा क्लास में जो पढ़ाया जाता हैं उसको सभी छात्र एक साथ पढ़ते हैं। हालांकि काफी संख्या में छात्रों को नेटवर्क के कारण समस्या होती है। ऐसे में क्लास के सभी स्टूडेंट नोट्स आपस में शेयर कर लेते हैं। क्लास के बाद भी कई बार टीचर से फोन पर क्वेरी करनी पड़ती हैं। एक टॉपिक्स समझने में काफी समय लग रहा हैं। अगर नेटवर्क कंजेशन न हो तो लाइव क्लास में पढ़ाया गया बहुत आसानी से समझ में आ जाएगा।
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दिन में नहीं आता नेटवर्क
दीवान स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र शशांक व श्रेयांश गोयल ने बताया कि एयरटेल, आईडिया, बीएसएनएल और वोडाफोन सभी नेटवर्क में समस्या रहती है। अमूमन दिन में नेटवर्क नहीं आता है। कई बार तो क्लास बीच में ही रह जाती है। हालांकि टीचर्स काफी हेल्प कर रहे हैं। बुक्स भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पुराने दोस्तों से कुछ बुक्स अरेंज की है।
ऑनलाइन नहीं हो पा रहा कार्य
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के सीनियर मैनेजर मोहित चौहान के अनुसार, ब्राडबैंड की स्पीड भी काफी स्लो हो गई है। मोबाइल से कनेक्टिविटी तो हो नहीं पा रही है। अमेरिकन कंपनी को ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइड कराते हैं। रात की शिफ्ट में तो काम हो जाता है लेकिन दिन की शिफ्ट में नेटवर्क फेलियर के कारण भारी असुविधा होती है। जियो के ब्रांडबैंड से भी अच्छी स्पीड नहीं मिल रही है।
ऑनलाइन हुआ पूरा बाजार
ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिकल, एमसीजी सहित बैंक, डाक और परंपारगत सभी सेग्मेंट ऑनलाइन एक्विटीज के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं। धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी लाइव प्रस्तुतिकरण किया जा रहा हैं। ऐसे में विभिन्न सोशल साइट्स में यूसेज तीन गुना तक बढ़ गया है। टेलीकॉलिंग के स्थान पर वीडियो मेसेज के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।