अंतर्राष्ट्रीय रेसलिंग चैम्पियनशिप: अमेरिका में दम दिखाएगी रेसलर कविता तोमर
कविता तोमर अमेरिका के फ्लोरिडा में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय रेसलिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी। वह भारत की पहली रेसलर महिला है। रेसलर कविता तोमर के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें।
बिजवाड़ा (बड़ौत) की बहू कविता तोमर अमेरिका के फ्लोरिडा में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय रेसलिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी। वह भारत की पहली रेसलर महिला है। देश का नाम रोशन करने के उद्देश्य से वह वेटलिफ्टर से रेसलर बनी हैं। सोमवार को पल्लवपुरम फेज वन में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
राष्ट्रीय स्तर की वेटलिफ्टर रह चुकीं कविता तोमर हरियाणा के जिंद जनपद में स्थित मालवी गांव की रहने वाली हैं। उनका विवाह बड़ौत के बिजवाड़ा गांव के गौरव तोमर से हुआ है। उनके पति गौरव बालीवाल खिलाड़ी हैं। वह एनडीआरएफ बनारस में तैनात हैं। उनका पांच वर्ष का बेटा अभिजीत तोमर भी है। सोमवार को वह पल्लवपुरम निवासी अपने रिश्तेदार भाजपा नेता सुदेश अहलावत के घर पहुंची। यहां प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि वह भारत की पहली महिला रेसलर है। वह जालंधर में दा ग्रेट खली की एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।
पति का मिला सहयोग
कविता ने बताया कि वह नौ जुलाई को अमेरिका रवाना होगी। 13,14 जुलाई को अमेरिका के फ्लोरिडा में होने वाली रेसलिंग चैम्पियनशिप में इंडिया की ओर से हिस्सा लेंगी। कविता ने बताया कि रेसलर बनने में उनके पति अहम योगदान रहा। परिजनों और ससुराल वालों ने भी सहयोग किया। इस मौके पर भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विमल, मंडल अध्यक्ष ओपी सिंह समेत कई भाजपाइयों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कविता की सास उमा तोमर, जेठ राजीव तोमर, जगरूप सिंह तोमर, अरूणा अहलावत, कीर्तिका अहलावत, राजेश जैन, मनोज शर्मा, महेंद्र प्रजापति आदि रहे।
ऐसे बनीं रेसलर
वेटलिफ्टर से रेसलर बनी कविता ने बताया कि एक दिन वह परिवार के साथ रेसलिंग प्रेक्टिस देखने गई थीं। इसी बीच दिल्ली की एक महिला ने फाइट के लिए चैलेंज किया। मैंने उसके चैलेंज को स्वीकार किया और कई बार पटखनी दी। उसके बाद से रेसलिंग की प्रेक्टिस शुरू कर दी।
बिग-बॉस का ऑफर ठुकराया
दिल्ली की महिला को पटकनी देने के बाद वह सुर्खियों में आ गईं। इसके बाद बिग बॉस-10 में हिस्सा लेने के लिए ऑफर आया। लेकिन उन्होंने वहां के माहौल को देखते हुए ऑफर ठुकरा दिया। कविता तोमर का कहना था कि प्रदेश सरकार को खेल के प्रति रुचि दिखानी चाहिए। खिलाड़ियों को नौकरी देने में सरकार को उम्र का बंधन खत्म करना चाहिए।
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