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अंतरराष्ट्रीय किसान दिवस 17 को
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अंतरराष्ट्रीय किसान दिवस 17 को
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने केंद्र सरकार से कोविड-19 के चलते किसानों के लिए अलग से 1.5 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग की है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रेस ब्यान में बताया कि किसान 17 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय किसान दिवस मनाएंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वो घर पर रहें, खेत पर रहें, लेकिन चुप न रहें। शुक्रवार 17 अप्रैल को 5 बजे किसान अपने कृषि यंत्रों के साथ घर के गेट पर खड़े होकर कृषि यंत्रों की सफाई करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करें।
भाकियू नेता ने बताया कि वर्तमान हालात में कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व को पंगु बना दिया है। अपनी स्थानीय ज्ञान व विविधता के दम पर किसान करोडों-अरबों लोगों का पेट भर रहा है। सरकार को चाहिए कि इस संकट से सीख लेकर किसानों की रक्षा की गारंटी सरकार को देनी चाहिए। आज किसानों के सामने नकदी का भारी संकट है। किसानों के पास न तो फसलों के कटाई के लिए पैसा है और न ही अगली फसल की बुवाई हेतु पर्याप्त साधन नहीं है। कोविड-19 के चलते भारत सरकार द्वारा जो आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है किसानों को उससे बाहर कर दिया गया है। भाकियू मांग करती है कि किसानों के लिए अलग से एक विस्तृत पैकेज 1.5 लाख करोड़ रुपये घोषित किया जाए।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू ने केंद्र सरकार से कोविड-19 के चलते किसानों के लिए अलग से 1.5 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग की है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रेस ब्यान में बताया कि किसान 17 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय किसान दिवस मनाएंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वो घर पर रहें, खेत पर रहें, लेकिन चुप न रहें। शुक्रवार 17 अप्रैल को 5 बजे किसान अपने कृषि यंत्रों के साथ घर के गेट पर खड़े होकर कृषि यंत्रों की सफाई करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करें।
भाकियू नेता ने बताया कि वर्तमान हालात में कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व को पंगु बना दिया है। अपनी स्थानीय ज्ञान व विविधता के दम पर किसान करोडों-अरबों लोगों का पेट भर रहा है। सरकार को चाहिए कि इस संकट से सीख लेकर किसानों की रक्षा की गारंटी सरकार को देनी चाहिए। आज किसानों के सामने नकदी का भारी संकट है। किसानों के पास न तो फसलों के कटाई के लिए पैसा है और न ही अगली फसल की बुवाई हेतु पर्याप्त साधन नहीं है। कोविड-19 के चलते भारत सरकार द्वारा जो आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है किसानों को उससे बाहर कर दिया गया है। भाकियू मांग करती है कि किसानों के लिए अलग से एक विस्तृत पैकेज 1.5 लाख करोड़ रुपये घोषित किया जाए।
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