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Meerut News: रोहटा में जलभराव से बर्बाद फसलों के सर्वे के निर्देश
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रोहटा। भारी बारिश के बाद खेतों में करीब एक माह से जलभराव होने के कारण बर्बाद हो रही फसलों का मं
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। भारी बारिश के कारण खेतों में करीब एक माह से जलभराव है। इससे बर्बाद हो रही फसलों का एडीएम वित्त एवं राजस्व कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने मंगलवार को जायजा लिया। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
एडीएम ने तहसील की टीम के साथ खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को दो दिन के भीतर फसलों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा करने को कहा। यह रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रोहटा क्षेत्र के सतवाई, भोला, नेक टिकरी, अमानुलपुर और मुनसबगढ़ समेत करीब दर्जनभर गांवों में जलभराव है। खेतों में पानी भरने से गन्ने और ज्वार की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों के अनुसार, खड़ी फसल सूखकर खराब हो रही है। इससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फसलों को हुए नुकसान से चिंतित किसान लगातार राहत की मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों ने भी जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। एडीएम ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सर्वे पूरा करने को कहा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर फसलों को हुए नुकसान का आकलन होगा। इसके बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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रोहटा। भारी बारिश के कारण खेतों में करीब एक माह से जलभराव है। इससे बर्बाद हो रही फसलों का एडीएम वित्त एवं राजस्व कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने मंगलवार को जायजा लिया। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
एडीएम ने तहसील की टीम के साथ खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को दो दिन के भीतर फसलों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा करने को कहा। यह रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रोहटा क्षेत्र के सतवाई, भोला, नेक टिकरी, अमानुलपुर और मुनसबगढ़ समेत करीब दर्जनभर गांवों में जलभराव है। खेतों में पानी भरने से गन्ने और ज्वार की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों के अनुसार, खड़ी फसल सूखकर खराब हो रही है। इससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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फसलों को हुए नुकसान से चिंतित किसान लगातार राहत की मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों ने भी जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। एडीएम ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सर्वे पूरा करने को कहा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर फसलों को हुए नुकसान का आकलन होगा। इसके बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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