मेरठ: आशा वर्करों का सीएचसी पर प्रदर्शन, संस्थागत प्रसव के 600 रुपये बढ़ाकर 1800 करने समेत कई मांगें उठाईं
मेरठ के सरधना सीएचसी पर आशा वर्करों और संगिनियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संस्थागत प्रसव की राशि 600 से बढ़ाकर 1800 रुपये करने, भत्ते बढ़ाने और 5जी स्मार्टफोन देने की मांग की।
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मेरठ से सटे सरधना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरधना पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश आशा कार्यकर्ता संगठन से जुड़ी आशा वर्करों और संगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीएचसी अधिकारियों को सौंपकर प्रोत्साहन राशि और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे वर्ष 2006 से बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं। महंगाई बढ़ने के बावजूद प्रोत्साहन राशि में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है।
आशा वर्करों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों में जिम्मेदारी निभाती हैं। ऐसे में उनके काम के अनुरूप प्रोत्साहन राशि और सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
संस्थागत प्रसव की राशि 600 से बढ़ाकर 1800 रुपये करने की मांग
आशा वर्करों ने संस्थागत प्रसव के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 600 रुपये से बढ़ाकर 1800 रुपये करने की मांग की। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में समय और मेहनत लगती है, इसलिए प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी जरूरी है।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) विजिट का भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये करने की मांग रखी। पल्स पोलियो अभियान और टीकाकरण सत्र में काम करने के लिए 300 रुपये प्रति सत्र भुगतान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत महिला नसबंदी पर 500 रुपये और पुरुष नसबंदी पर 1000 रुपये दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही सभी आशा वर्करों को विभागीय कार्यों के लिए 5जी स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि मोबाइल फोन स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सूचनाओं, रिकॉर्ड और अन्य विभागीय कार्यों में उपयोगी हैं। इसलिए उन्हें काम के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
आशा संगिनियों ने 30 दिन का भ्रमण भुगतान देने और क्षेत्र में आवागमन के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र में काम करने के दौरान आवागमन जरूरी होता है और इसके लिए उचित सुविधा तथा भुगतान मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आशा वर्करों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और संगिनियां मौजूद रहीं।