ऑडियो वायरल : एफआर लगाने के दरोगा ने मांगे 1.15 लाख, एसपी देहात ने बैठाई जांच
मेरठ में गंगानगर थाने में तैनात एक दरोगा की ऑडियो वायरल हुई है। ऑडियो में दरोगा बार बार एफआर लगाने से पहले मामले को मैनेज करने के लिए बोल रही हैं। मामले में केस के वादी ने भी पुलिस अफसरों से शिकायत कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। अब दरोगा की ऑडियो वायरल होने के मामले में एसपी देहात ने पूरे मामले में जांच कराने की बात कही है।
मामला गंगानगर थाने से जुड़ा हुआ है। थाने में 2018 में एक व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया था। इसमें एक महिला भी नामजद थी। वहीं दूसरे पक्ष से कंकरखेड़ा निवासी महिला की बेटी की तरफ से कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म का प्रयास, अपहरण, मारपीट और धमकी देने की धारा भी गंगानगर में क्रॉस केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में अमित मरिंडा भी आरोपी है, जो लगातार किशोरी पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है। इस केस की विवेचना गंगानगर थाने में तैनात दरोगा कर रही हैं।
आरोप है कि दरोगा ने एक पक्ष से मुदकमे में एफआर लगाने के मामले में एक लाख रुपये लिए हैं। कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली किशोरी और उसकी मां ने एक ऑडियो पुलिस अफसरों को सौंपी है। इसमें विवेचना कर रहीं दरोगा पहले एक स्थान पर नामजद व्यक्ति को बुलाती हैं। उसके बाद कह रही हैं कि यह मामला चल रहा है, इसे निपटना है।
ऑडियो में एक सिपाही भी बोल रहा है कि जो काम कराया है वह पक्का है। बात जो करा दी वह पूरी होकर रहेगी। पैसों का जिक्र भी किया गया है कि अलग अलग पैसे जाने हैं। ऑडियो में यह भी कहा गया कि लिफाफे में पैसे देने वाला भी सिपाही है, जिसने दरोगा को पैसे दिए। इंस्पेक्टर गंगानगर राकेश सिंह का कहना है कि एफआर लगाने के नाम पर एक ऑडियो सामने आयी है। पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
किन साक्ष्यों के आधार पर एफआर लगाई गई, इसकी जांच कराई जाएगी। ऑडियो में जो दरोगा और सिपाही हैं उनकी जांच कराई जा रही है। पूरे मामले में जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसपी देहात