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संवेदनहीनता : पुलिस ने नहीं निकलवाए गंगनहर में बहकर आए चार शव
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सरधना। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगनहर में अज्ञात शवों का बहकर आना लगातार जारी है। वहीं, पुलिस की संवेदनहीन कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गंगनहर में सोमवार को चार शव बहते हुए दिखे। ग्रामीणों और कांवड़ियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस ने शव निकलवाने की बजाय उन्हें आगे बह जाने दिया।
अटेरना पुलिस चौकी के सामने सोमवार को गंगनहर में दो शव बहते हुए नजर आए। इसके कुछ देर बाद सरधना गंगनहर पुल के पास भी दो शव देखे गए। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन शवों को निकलवाने के बजाय भीड़ को हटाकर मौके से चले गए। इससे पहले भी तीन दिन पूर्व मानपुरी गांव, सरधना पुल और अहमदाबाद के सामने तीन शव बहते हुए देखे गए थे। सरधना थाना पुलिस ने इन शवों को रोहटा थाना सीमा में पहुंचाकर औपचारिकता पूरी कर ली थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले एक युवक और युवती के शव भी कांवड़िये की वेशभूषा में बहते हुए देखे गए थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने और जांच से बचने के लिए शवों को गंगनहर से निकलवाने की जरूरत ही नहीं समझी। इन घटनाओं से पुलिस की निष्क्रियता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, शवों को देखने के लिए रुकने वाले कांवड़ियों के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, अटेरना चौकी पर भी शव बहने की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय पुलिस इस विषय में बयान देने से भी बचती रही। लोगों का कहना है कि गंगनहर में मिल रहे शवों की उचित जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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एसपी देहात राकेश मिश्रा का कहना है कि यदि ऐसा है तो बेहद गंभीर मामला है। जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अटेरना पुलिस चौकी के सामने सोमवार को गंगनहर में दो शव बहते हुए नजर आए। इसके कुछ देर बाद सरधना गंगनहर पुल के पास भी दो शव देखे गए। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन शवों को निकलवाने के बजाय भीड़ को हटाकर मौके से चले गए। इससे पहले भी तीन दिन पूर्व मानपुरी गांव, सरधना पुल और अहमदाबाद के सामने तीन शव बहते हुए देखे गए थे। सरधना थाना पुलिस ने इन शवों को रोहटा थाना सीमा में पहुंचाकर औपचारिकता पूरी कर ली थी।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले एक युवक और युवती के शव भी कांवड़िये की वेशभूषा में बहते हुए देखे गए थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने और जांच से बचने के लिए शवों को गंगनहर से निकलवाने की जरूरत ही नहीं समझी। इन घटनाओं से पुलिस की निष्क्रियता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, शवों को देखने के लिए रुकने वाले कांवड़ियों के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, अटेरना चौकी पर भी शव बहने की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय पुलिस इस विषय में बयान देने से भी बचती रही। लोगों का कहना है कि गंगनहर में मिल रहे शवों की उचित जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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एसपी देहात राकेश मिश्रा का कहना है कि यदि ऐसा है तो बेहद गंभीर मामला है। जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।