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Meerut News: एमपीएस समूह की पहल, जुलाई से लागू होगी हाइब्रिड शिक्षा प्रणाली
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल समूह ने संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और लागत दक्षता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह व्यवस्था जुलाई 2026 से विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी।
स्कूल प्रधानाचार्य और सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर सपना आहूजा ने बताया कि शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई 2026 से मिश्रित शिक्षण प्रणाली लागू होगी। विद्यालय का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा, जिसमें कक्षा नौ से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में दो दिन ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। अधिकांश स्टाफ मीटिंग, अभिभावक-शिक्षक बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। साझा परिवहन को बढ़ावा देने, निजी वाहनों के बजाय स्कूल बसों के उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। स्कूल परिसर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा, जल और अन्य पहलें
ऊर्जा संरक्षण हेतु वातानुकूलक का तापमान 26 डिग्री पर रखने, अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखने और प्राकृतिक रोशनी के उपयोग पर बल दिया गया है। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में पंखे, लाइट और स्मार्ट बोर्ड बंद रखना अनिवार्य होगा। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली की जांच और जल शोधक के बचे पानी का बागवानी में उपयोग करने के निर्देश हैं। विद्यालय समूह ने कागज रहित कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है, जिसमें सूचनाएं ईमेल और व्हाट्सएप से भेजी जाएंगी।
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मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल समूह ने संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और लागत दक्षता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह व्यवस्था जुलाई 2026 से विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी।
स्कूल प्रधानाचार्य और सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर सपना आहूजा ने बताया कि शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई 2026 से मिश्रित शिक्षण प्रणाली लागू होगी। विद्यालय का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा, जिसमें कक्षा नौ से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में दो दिन ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। अधिकांश स्टाफ मीटिंग, अभिभावक-शिक्षक बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। साझा परिवहन को बढ़ावा देने, निजी वाहनों के बजाय स्कूल बसों के उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। स्कूल परिसर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
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ऊर्जा, जल और अन्य पहलें
ऊर्जा संरक्षण हेतु वातानुकूलक का तापमान 26 डिग्री पर रखने, अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखने और प्राकृतिक रोशनी के उपयोग पर बल दिया गया है। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में पंखे, लाइट और स्मार्ट बोर्ड बंद रखना अनिवार्य होगा। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली की जांच और जल शोधक के बचे पानी का बागवानी में उपयोग करने के निर्देश हैं। विद्यालय समूह ने कागज रहित कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है, जिसमें सूचनाएं ईमेल और व्हाट्सएप से भेजी जाएंगी।
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