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अब एनएचएआई के पास जाएगा इनर रिंग रोड का प्रोजेक्ट
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मेरठ। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कमिश्नर अनीता.सी मेश्राम ने एक बार फिर उम्मीद जगाईं हैं। शुक्रवार को कमिश्नरी में आयोजित हुई बैठक में कमिश्नर ने एमडीए अधिकारियों से इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेजने के निर्देश दिए हैं। बता दें, पिछले 20 वर्षों से शहर की जनता को इनर रिंग रोड का इंतजार है, लेकिन कभी एमडीए तो कभी पीडब्लूडी के पास जाने से यह प्रोजेक्ट सुस्त है।
कमिश्नर ने एमडीए उपाध्यक्ष को निर्देश देते हुए कहा कि एनएचएआई सचिव को पूरे विस्तार के साथ पत्र लिखकर इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट की जानकारी दें। पत्र में यह भी उल्लेख हो कि इनर रिंग रोड नेशनल हाईवे को जोडने के लिए बनेगी। इसलिए इनर रिंग रोड को एनएचएआई बनाए। कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड बन जाने से शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी। इनर रिंग रोड का रूट गढ रोड - दिल्ली रोड - हापुड़ रोड - हरिद्वार रोड (मेरठ-पौड़ी मार्ग) को आपस में जोड़ेगा। वहीं, एमडीए द्वारा गंगानगर योजना में बिजनौर से परीक्षितगढ मार्ग पर चार किलोमीटर का मार्ग बनाया जा रहा है जो कि इनर रिंग रोड का ही हिस्सा है। इनर रिंग रोड 34.280 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी होगी।
फरवरी-2020 तक पूरा होगा मेरठ-बुलंदशहर एक्सप्रेस-वे
एनएचएआई के अभियंता ने बताया कि मेरठ- बुलन्दशहर नेशनल हाईवे -235 जो कि 61.19 किलोमीटर है। इसमें 49 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है तथा शेष 12.19 किलोमीटर का कार्य फरवरी 2020 तक पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 868.77 करोड रूपये की लागत से इस हाईवे को दो से चार लेन का बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर चार बाईपास है जो फफूंडा, खरखौदा, हापुड व गुलावठी में हैं।
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पश्चिम में बिछ रहा एक्सप्रेस-वे का जाल
बैठक में पश्चिम के जिलों को जोड़ने वाले हाईवे के निर्माण पर भी चर्चा हुई। कमिश्नर ने एनएचएआइ को कार्य को जल्द पूरा करने या शुरू करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे में हिंडन नदी के ऊपर बनने वाले पुल का कार्य 15 सितंबर 2019 तक और हिंडन कैनाल पर बनने वाले पुल का कार्य अक्तूबर- 2019 तक पूरा करने के लिए कहा। वहीं, 55 किमी लंबा मेरठ बिजनौर मार्ग (एनएच -119) जो कि 1022.4 करोड से दो पैकेज में बनाया जायेगा। जिसमें से मेरठ से बहसूमा के प्रथम पैकेज के लिए डीपीआर तैयार हो गई है। वहीं, बिजनौर से नजीबाबाद के द्वितीय पैकेज के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके अलावा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग (एनएच -58) जो कि लगभग 78.00 किलोमीटर का है और टोल रोड है, का कार्य पूरा हो गया है। परतापुर से रामपुर तिराहा तक का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 27 कार्य 207 करोड रूपये की लागत से कराए जा रहे है। जिसमें अंडर पास, सुभारती के पास फुटओवर ब्रिज, आरओबी आदि शामिल हैं।
ये रहे मौजूद
बैठक में उपाध्यक्ष एमडीए राजेष कुमार पाडेंय, एमडीए के मुख्य अभियन्ता दुर्गेष श्रीवास्तव ,एनएचएआई बागपत के अभियन्ता आयुष चौधरी, धर्मेष सैनी, लोक निर्माण विभाग हापुड के अभियन्ता जोत सिंह, सहायक अभियन्ता सत्यवीर सिंह, एमडीए के गौरकी कौषिक सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।
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कमिश्नर ने एमडीए उपाध्यक्ष को निर्देश देते हुए कहा कि एनएचएआई सचिव को पूरे विस्तार के साथ पत्र लिखकर इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट की जानकारी दें। पत्र में यह भी उल्लेख हो कि इनर रिंग रोड नेशनल हाईवे को जोडने के लिए बनेगी। इसलिए इनर रिंग रोड को एनएचएआई बनाए। कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड बन जाने से शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी। इनर रिंग रोड का रूट गढ रोड - दिल्ली रोड - हापुड़ रोड - हरिद्वार रोड (मेरठ-पौड़ी मार्ग) को आपस में जोड़ेगा। वहीं, एमडीए द्वारा गंगानगर योजना में बिजनौर से परीक्षितगढ मार्ग पर चार किलोमीटर का मार्ग बनाया जा रहा है जो कि इनर रिंग रोड का ही हिस्सा है। इनर रिंग रोड 34.280 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी होगी।
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फरवरी-2020 तक पूरा होगा मेरठ-बुलंदशहर एक्सप्रेस-वे
एनएचएआई के अभियंता ने बताया कि मेरठ- बुलन्दशहर नेशनल हाईवे -235 जो कि 61.19 किलोमीटर है। इसमें 49 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है तथा शेष 12.19 किलोमीटर का कार्य फरवरी 2020 तक पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 868.77 करोड रूपये की लागत से इस हाईवे को दो से चार लेन का बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर चार बाईपास है जो फफूंडा, खरखौदा, हापुड व गुलावठी में हैं।
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पश्चिम में बिछ रहा एक्सप्रेस-वे का जाल
बैठक में पश्चिम के जिलों को जोड़ने वाले हाईवे के निर्माण पर भी चर्चा हुई। कमिश्नर ने एनएचएआइ को कार्य को जल्द पूरा करने या शुरू करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे में हिंडन नदी के ऊपर बनने वाले पुल का कार्य 15 सितंबर 2019 तक और हिंडन कैनाल पर बनने वाले पुल का कार्य अक्तूबर- 2019 तक पूरा करने के लिए कहा। वहीं, 55 किमी लंबा मेरठ बिजनौर मार्ग (एनएच -119) जो कि 1022.4 करोड से दो पैकेज में बनाया जायेगा। जिसमें से मेरठ से बहसूमा के प्रथम पैकेज के लिए डीपीआर तैयार हो गई है। वहीं, बिजनौर से नजीबाबाद के द्वितीय पैकेज के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके अलावा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग (एनएच -58) जो कि लगभग 78.00 किलोमीटर का है और टोल रोड है, का कार्य पूरा हो गया है। परतापुर से रामपुर तिराहा तक का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 27 कार्य 207 करोड रूपये की लागत से कराए जा रहे है। जिसमें अंडर पास, सुभारती के पास फुटओवर ब्रिज, आरओबी आदि शामिल हैं।
ये रहे मौजूद
बैठक में उपाध्यक्ष एमडीए राजेष कुमार पाडेंय, एमडीए के मुख्य अभियन्ता दुर्गेष श्रीवास्तव ,एनएचएआई बागपत के अभियन्ता आयुष चौधरी, धर्मेष सैनी, लोक निर्माण विभाग हापुड के अभियन्ता जोत सिंह, सहायक अभियन्ता सत्यवीर सिंह, एमडीए के गौरकी कौषिक सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।