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गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द होगा औद्योगिक गलियारे का विस्तार
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मेरठ/खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे का शीघ्र ही विस्तार होता दिखेगा। इसके लिए डीपीआर बनाने की तैयारी चल रही है। बुधवार को सिंगापुर की सेम्बकॉर्प कंपनी, जो ऊर्जा और शहरी विकास कंपनी के नाम से जानी जाती है, उसकी दो सदस्यीय टीम बिजौली में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारे की भौगाेलिक जानकारी लेने पहुंची।
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 36,400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी यह छह लेन का एक्सप्रेसवे है लेकिन बाद में इसे आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। मेरठ में एक्सप्रेसवे की लंबाई 15 किमी. है। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज में एनएच 19 पर जुदापुरदादू गांव के पास तक होगा। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होता हुआ प्रयागराज पर खत्म होगा।
खरखौदा व बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत
प्रदेश सरकार द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाना प्रस्तावित है। पहले चरण में कस्बा खरखौदा व बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें कृषि, भूमि चकरोड, रास्ते व पेट्रोल पंप आदि की जमीनें शामिल हैं। जिला उद्योग विभा के उद्यमी मित्र रिषभ सक्सेना का कहना है कि सरकार की मंशा के अनुरूप अधिग्रहित भूमि में जल्द से जल्द इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स का विकास किया जाना है। इसे लेकर बुधवार को औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने वाली सिंगापुर की कंपनी के दो सदस्य गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे अधिग्रहित भूमि का भौगोलिक निरीक्षण करने पहुंची। उनके साथ जिला प्रशासन से भू अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह, जिला उद्योग केंद्र, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, जल निगम व राजस्व विभाग के अधिकारी भी रहे। कंपनी की टीम ने गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी, सुरक्षा, गंदे पानी का निस्तारण, विद्युत व्यवस्था, भूगर्भ जल स्तर, दिल्ली के लिए कनेक्टिविटी सहित सभी पहलुओं को देखा।
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594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 36,400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी यह छह लेन का एक्सप्रेसवे है लेकिन बाद में इसे आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। मेरठ में एक्सप्रेसवे की लंबाई 15 किमी. है। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज में एनएच 19 पर जुदापुरदादू गांव के पास तक होगा। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होता हुआ प्रयागराज पर खत्म होगा।
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खरखौदा व बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत
प्रदेश सरकार द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाना प्रस्तावित है। पहले चरण में कस्बा खरखौदा व बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें कृषि, भूमि चकरोड, रास्ते व पेट्रोल पंप आदि की जमीनें शामिल हैं। जिला उद्योग विभा के उद्यमी मित्र रिषभ सक्सेना का कहना है कि सरकार की मंशा के अनुरूप अधिग्रहित भूमि में जल्द से जल्द इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स का विकास किया जाना है। इसे लेकर बुधवार को औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने वाली सिंगापुर की कंपनी के दो सदस्य गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे अधिग्रहित भूमि का भौगोलिक निरीक्षण करने पहुंची। उनके साथ जिला प्रशासन से भू अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह, जिला उद्योग केंद्र, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, जल निगम व राजस्व विभाग के अधिकारी भी रहे। कंपनी की टीम ने गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी, सुरक्षा, गंदे पानी का निस्तारण, विद्युत व्यवस्था, भूगर्भ जल स्तर, दिल्ली के लिए कनेक्टिविटी सहित सभी पहलुओं को देखा।
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