महामारी में बढ़ी महंगाई : बिगड़ा घर का बजट, कालाबाजारी पर नहीं लगाम, जीवनरक्षक दवाएं भी महंगी
-परचून व्यापारियों ने बढ़ाए खाद्यान्न, तेल और रिफाइंड के दाम
-कालाबाजारी पर लगाम न लगने से जीवनरक्षक दवाएं भी महंगी
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कोरोना महामारी के बीच जिंदगी बचाने के लिए जरूरी आटा, दाल, तेल जैसी जरूरी चीजों के दाम भी बेतहाशा बढ़ गए हैं। परचून व्यापारियों ने खाद्यान्न तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, अस्पतालों और घरों में गंभीर रूप से बीमार लोगों को बचाने के लिए जीवनरक्षक दवाएं भी कहीं गुना अधिक दाम पर बेची जा रही हैं।
दावों के बावजूद जरूरी सामान और दवाओं की कालाबाजारी पर लगाम नहीं लग पाई है। दवा की दुकानों पर काफी दवाएं और उपकरण तो उपलब्ध भी नहीं हैं। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी इस हालात पर खामोश हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग एवं औषधि प्रशासन सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के द्वारा बीते एक माह में जांच और छापामारी संबंधित कोई कार्यवाही नहीं की गई। दुकानों पर ग्राहक मनमानी कीमतें देने को मजबूर हैं।
मंडी से मोहल्ले तक महंगाई की मार
कोरोना महामारी में मंडी से पॉश कालोनियों और मोहल्लों की खुली दुकानों में भी जरूरी सामान मनमाने रेट पर बेचा जा रहा है। बीते 15 दिन में ही सभी दालें, मसाले, सोयाबीन तेल, घी आदि के दाम तेजी से बढ़े हैं। नवीन मंडी के व्यापारी नवीन गुप्ता का कहना है कि दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में खाद्यान्न की आपूर्ति छह से सात दिन में हो रही है। बड़ी संख्या में व्यापारी बीमार हैं तो कुछ की कोरोना से मौत हो चुकी है।
खाद्यान्न 15 दिन पूर्व वर्तमान
रिफाइंड 130 160
सरसों का तेल कोल्हू 160 190
सरसों का तेल दुकान 135 160
सरसों का तेल कच्छी धानी 168 180
आटा (10 किलो) 250 280
दाल चना 75 100
मलका मसूर 95 110
अरहर की दाल 100 140
नहीं रुकी चिकित्सा उपकरणों की कालाबाजारी
बाजारों में कोविड में प्रयोग होने वाले उपकरण ऑक्सीमीटर, स्टीमर, थर्मामीटर, नेबुलाइजर, ग्लोकोमीटर, बीपी मशीन का स्टॉक मार्केट में शॉर्ट हो गया है। व्यापारी इन उपकरणों के प्रिंट से भी ऊपर दामों में बेच रहे हैं। कोविड में प्रयोग होने वाली दवाएं और इंजेक्शन भी आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं।
दवाओं और उपकरणों की कालाबाजारी की लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शहर में किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होने वाले थर्मामीटर के लिए भी लोगों एक से दूसरी दुकान पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 18 रुपये वाला इलेक्ट्राल का पैकेट भी 100 रुपये तक दिया जा रहा है। कुछ दुकानों में यह उपलब्ध भी नहीं है। मरीज और तीमारदार दुकानों पर भटक रहे हैं।
उपकरण मार्च 2021 मई 2021
ऑक्सीमीटर 1175 4000
स्टीमर 250 1200
थर्मामीटर 100 500
नेबुलाइजर 1500 5000
ग्लूकोमीटर 480 2000
बीपी मशीन 1000 5000
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं
फूलबाग कॉलानी निवासी राजरानी शर्मा ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। पीड़िता ने बताया कि कचहरी रोड स्थित एक अस्पताल में ऑक्सीजन केन 3500 रुपये में दी गई। इस पर प्रिंट मूल्य 499 है। जरूरत में उन्हें दो केन खरीदनी पड़ी। इसके लिए उन्होंने सात हजार रुपये दिए। खंदक व्यापारी अंकुर गोयल ने बताया कि सभी कोविड उपकरणों का स्टॉक कर लिया गया है। जरूरतमंद लोगों को पांच गुना दाम में यह वस्तु बेची जा रही हैं।