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शरीर में हो कंपन तो न करें नजरअंदाज

Mon, 12 Apr 2021 12:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Apr 2021 12:55 AM IST
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increase cases of parkinson desease
शरीर में हो कंपन तो न करें नजरअंदाज
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मेरठ। मौजूदा दौर में पार्किंसन (कंपन) की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। अगर किसी व्यक्ति के हाथ, पैर या शरीर के अन्य हिस्से में कंपकंपी होती है तो इसे नजरअंदाज न करें। यह पार्किंसन की बीमारी हो सकती है। इस रोग से सामान्य कामकाज करना भी मुश्किल हो जाता है। फिर भी बीमारी से घबराने की बजाय इसके प्रति सजग रहने की जरूरत है। लोगों को जागरूक करने के लिए 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसन दिवस मनाया जाता है।
मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा ने बताया कि अब पार्किंसन के मामले काफी देखने को मिल रहे हैं। शुरुआती साल में इसके लक्षण धीमे होते हैं। इसलिए लोग बीमारी को पहचान नहीं पाते। इसके चार मुख्य लक्षण हैं। इसमें हाथ, बाजू, मुंह, पैर और चेहरे में कंपकंपाहट होना, जोड़ों या धड़ में कठोरता आना, हरकतों में धीमापन और संतुलन और तालमेल बिगड़ना शामिल हैं। शुरू में रोगी को चलने, बात करने और दूसरे छोटे-छोटे काम करने में दिक्कत महसूस होती है। बाद में समस्या गंभीर हो जाती है।
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मनोचिकित्सक डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि यह बीमारी तब होती है जब मस्तिष्क के एक क्षेत्र में तंत्रिका कोशिकाएं या न्यूरांस नष्ट होने लगते हैं। आमतौर पर ये न्यूरांस डोपामाइन नाम के महत्वपूर्ण रसायन का उत्पादन करते हैं। जब ये न्यूरांस मर जाते हैं या कम हो जाते हैं तो डोपामाइन का स्तर कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में इस रोग के लक्षण उभरने लगते हैं।
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इन लक्षणों को अनदेखा न करें - हाथ, पैर, जबड़े या सिर में कंपन,अंगों की कठोरता, अंगों की गतिविधियों का धीमा हो जाना, शरीर का संतुलन बिगड़ना या चलने-फिरने में कठिनाई होना

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निदान की संभावनाएं - पार्किंसन रोग के परीक्षण के लिए वर्तमान में कोई विशेष जांच सुविधा मौजूद नहीं है। फिर भी चिकित्सक मरीज के संकेतों और लक्षणों की समीक्षा करके और न्यूरोलॉजिकल परीक्षण के आधार पर उपचार शुरू करते हैं। सही उपचार मिलने से बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण हो जाता है।
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