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Meerut News: खाप चौधरियों की मौजूदगी में मृत्युभोज के रिवाज से बनाई दूरी

Mon, 23 Sep 2024 02:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2024 02:36 AM IST
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In the presence of Khap Chaudharis, distance was maintained from the custom of funeral feast
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिसौली। सामाजिक स्तर पर कईं बार मृत्युभोज की परंपरा पर प्रतिबंध को लेकर आवाज उठाई गई , लेकिन बदलाव के कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आए है। खाप चौधरियों की मौजूदगी में कसबे में संदेश दिया है कि तेहरवीं या श्रद्धाजंलि सभाओं में मृत्युभोज के रीति रिवाज का त्याग किया जाए। भाकियू संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के किसान आंदोलनों में सहभागी रहे चौधरी शीशपाल सिंह की कस्बे में हुई श्रद्धाजंलि सभा में सैंकड़ों लोग जुटे थे। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, बाबा राजेंद्र सिंह आदि खाप चौधरियों की मौजूदगी रही।
जाट महासभा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने सर्वसमाज से तेहरवीं में आए लोगों से आग्रह किया कि वेद-शास्त्रों में ऋषियों ने कहीं भी मृत्युभोज का उल्लेख नहीं किया है। हमने संकल्प लिया कि मृत्यु पर भोजन कराने की परंपरा में बदलाव लाया जाए। अपने पिता की स्मृति में गरीब कन्या के विवाह और समाज हित और पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं को सहयोग राशि दी जाए। जाट महासभा की यह पहल समाज में प्रेरक बनेगी। भाकियू अध्यक्ष ने श्री शुकदेव आश्रम स्वामी कल्याणदेव सेवा ट्रस्ट को गो सेवा के लिए 51 हजार रुपये का चेक ट्रस्टी ओमदत्त और कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री को भेंट किया।
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पूर्व प्रधानाचार्य राजेंद्र आर्य ने बताया कि विदेशों में बसे स्वजनों के घर लौटने में देरी होती है, ऐसी स्थिति में देह को कई दिन रखना मुश्किल होता है। हमने यह दिक्कत महसूस की थी। इसी वजह से नगर पंचायत को शव फ्रीजर दिया गया है।
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