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वीवो कंपनी के मामले में नौचंदी के तत्कालीन इंस्पेक्टर आशुतोष लाइन हाजिर

Sun, 06 Nov 2022 03:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 03:12 AM IST
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In the case of Vivo Company, the then Inspector of Nauchandi, Ashutosh Line appeared.
वीवो कंपनी के मामले में नौचंदी के तत्कालीन इंस्पेक्टर आशुतोष लाइन हाजिर
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मेरठ। नौचंदी थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया। उनका 30 दिन का वेतन भी काटा जाएगा। उन पर आरोप है कि वीवो कंपनी के मामले में साक्ष्य जुटाने की बजाय मुकदमे में एफआर लगा दी गई। वह फिलहाल मुजफ्फरनगर के छपार में थाना प्रभारी थे। एसएसपी मेरठ की जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी मुजफ्फरनगर ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर उनका 30 दिन का वेतन काटने की संस्तुति कर दी। अब उनकी विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
पुलिस के मुताबिक वीवो कंपनी के एक ही आईएमईआई पर 13557 मोबाइल नंबर एक्टिव थे। एडीजी आफिस में तैनात दरोगा आशाराम की शिकायत पर पांच जून 2020 को वीवो कंपनी के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना नौचंदी थाना प्रभारी आशुतोष कुमार को दी थी। सभी तथ्य होने के बावजूद इंस्पेक्टर ने पांच अक्तूबर 2020 को मुकदमे में एफआर लगाकर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए मुकदमे को रि-ओपन कर दिया। इसके बाद विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी।
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एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर वीवो कंपनी के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। सीओ सिविल लाइन इसे कोर्ट में दाखिल करेंगे। वीवो कंपनी के मुकदमे में साक्ष्यों को जुटाए बिना ही एफआर लगाने वाले इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार से छपार थाने का चार्ज हटाया गया है। विवेचना में उनका कार्य संदेह के दायरे में मिला है।
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बच्चे के अपहरण में जेल जा चुके आशुतोष
सरधना निवासी मेहराजुद्दीन के बेटे के अपहरण के मामले में इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार 10 साल पहले जेल भी जा चुके हैं। आशुतोष उस समय सरधना थाने में दरोगा थे। उनके साथ सरधना के तत्कालीन इंस्पेक्टर रामतीर्थ भी जेल गए थे। इस मामले में पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। वह मेरठ में भावनपुर, नौचंदी और कोतवाली में थाना प्रभारी रहे हैं।

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यह था मामला... एडीडी मेरठ जोन कार्यालय में तैनात दरोगा आशाराम के मोबाइल की स्क्रीन टूट गई थी। उन्होंने 24 सितंबर 2019 को शारदा रोड स्थित वीवो कंपनी के सर्विस सेंटर में मोबाइल ठीक करने के लिए दिया था। कंपनी ने ठीक करके मोबाइल आशाराम को दे दिया था। कुछ दिन बाद उनके फोन की स्क्रीन दोबारा खराब हो गई। आशाराम को अंदेशा हुआ कि आईएमईआई नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई है। दरोगा की शिकायत पर एडीजी ने साइबर क्राइम सेल से जांच कराई। टेलीकाम जियो कंपनी से डाटा मांगा गया तो बताया गया कि 24 सितंबर 2019 को सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच देशभर में इस आईएमईआई नंबर पर करीब 13,557 मोबाइल नंबर सक्रिय थे। पांच जून 2020 को मेडिकल कालेज थाने में वीवो कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना नौचंदी थाने को दी थी।
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