{"_id":"69caec2faae2a58ab8099892","slug":"in-protest-against-the-arrest-of-rakesh-tikait-bhakiyu-surrounded-the-district-magistrates-office-at-night-meerut-news-c-72-1-mct1009-151018-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में भाकियू ने रात में जिलाधिकारी कार्यालय घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में भाकियू ने रात में जिलाधिकारी कार्यालय घेरा
विज्ञापन
ओडिशा के भुवनेश्वर में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी से किसानों में भारी गुस्सा देखा गया। सोमवार शाम गिरफ्तारी की पुष्टि होते ही भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे।
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहले मवाना सीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय का घेराव कर करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता ट्रैक्टर और कार से मार्च निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। रात करीब 10 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पर इकट्ठा हुए और धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। रात लगभग 11 बजे एडीएम सिटी बृजेश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत शुरू की।
किसानों ने एडीएम सिटी की बात नहीं सुनी और अपना धरना जारी रखा। रात में जिलाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता चलती रही। किसानों ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को तुरंत छोड़े जाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई निर्णय नहीं होता, धरना जारी रहेगा। देर रात तक किसान अपनी मांगों पर डटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहले मवाना सीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय का घेराव कर करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता ट्रैक्टर और कार से मार्च निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। रात करीब 10 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पर इकट्ठा हुए और धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। रात लगभग 11 बजे एडीएम सिटी बृजेश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत शुरू की।
विज्ञापन
किसानों ने एडीएम सिटी की बात नहीं सुनी और अपना धरना जारी रखा। रात में जिलाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता चलती रही। किसानों ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को तुरंत छोड़े जाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई निर्णय नहीं होता, धरना जारी रहेगा। देर रात तक किसान अपनी मांगों पर डटे रहे।
विज्ञापन