फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Illegal sale of vehicles being done in the name of service center

सर्विस सेंटर के नाम पर हो रही वाहनों की अवैध बिक्री

Sat, 21 Nov 2020 01:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 01:59 AM IST
विज्ञापन
Illegal sale of vehicles being done in the name of service center
सर्विस सेंटर के नाम पर हो रही वाहनों की अवैध बिक्री
विज्ञापन

मेरठ। शहर में नामचीन वाहन कंपनी के डीलरों ने सर्विस सेंटर के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र तक अपना अवैध कारोबार खड़ा कर लिया है। सर्विस सेंटर के माध्यम से बिना वाहन कंपनी अनुमति और आरटीओ के ट्रेड सर्टिफिकेट बगैर वाहनों की बिक्री की जा रही है। इससे जहां लोग डीलरशिप के मुगालते में वाहन खरीद रहे हैं वहीं परिवहन विभाग के राजस्व को भी क्षति पहुंच रही है।
शहर में अमूमन सभी नामचीन कंपनी के दुपहिया और चौपहिया वाहनों की डीलरशिप है। ब्लॉक और नगर पंचायत स्तर पर वाहन कंपनी का नेटवर्क/डीलरशिप विस्तार को रोकने के लिए अधिकतर टू व्हीलर डीलरों ने एक नया फंडा निकाल लिया हैं। वाहन डीलर कंपनी का अधिकृत सर्विस सेंटर बनाकर वाहनों की बिक्री करा रहे हैं। मवाना, हस्तिनापुर, सरधना, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, किला परीक्षितगढ़ आदि क्षेत्रों में सर्विस सेंटरों पर हीरो, होंडा और बजाज आदि कंपनियों के वाहन अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं। नियमानुसार कंपनी के अधिकृत डीलर ही आरटीओ से मिलने वाले ट्रेड सर्टिफिकेट लेने के बाद वाहनों की बिक्री कर सकते हैं।
विज्ञापन

मेन डीलर नहीं चाहते
शहर में बैठे मेन डीलर कस्बों और ब्लॉक स्तर पर कंपनी की डीलरशिप रोकने के लिए ऐसा कर रहे हैं। डीलर नहीं चाहते कि कस्बों में डीलरशिप मिलने से उनका कारोबार कम हो। वहां डीलरशिप मिलेगी तो उनके वाहनों की बिक्री का आंकड़ा गिर जाएगा। इसके चलते उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में सर्विस सेंटर खोलकर वहां वाहनों को खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राहक को होती है दिक्कत
अवैध सेंटर से वाहन खरीदने पर ग्राहक को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां से वाहन खरीदने पर गाड़ी की आरसी और नंबर प्लेट आदि महीनों बाद मिलती है। इसके अलावा वाहन में बड़ी खराबी होने पर सर्विस सेंटर वाले हाथ खड़े करते हुए शहर वाले मेन सर्विस सेंटर पर ले जाने को कहते हैं।

आरटीओ के राजस्व को हो रहा नुकसान
सभी वाहन डीलरों को वाहन बिक्री करने के लिए आरटीओ से ट्रेड सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इसके लिए एक हजार रुपये फीस रखी गई है। गांवों तक वाहन तो बिक रहे हैं लेकिन ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं लेने से विभाग को राजस्व की हानि हो रही है।
डीलरों को देंगे नोटिस
सर्विस सेंटर के नाम पर वाहनों की अवैध बिक्री होने की जानकारी मिली है। डीलरों को नोटिस दिया जाएगा। अवैध रूप से डीलरशिप नहीं चलने दी जाएगी।
श्वेता वर्मा, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed