यूपी: जिला अस्पताल में तीमारदारों से अवैध वसूली, ऐसे खुली कर्मचारियों की पोल
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सहारनपुर के एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर तीमारदारों से वसूली की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें अस्पताल की स्टाफ नर्स तीमारदार से रुपये लेती नजर आ रही है। तीन दिन में वसूली की यह दूसरी वीडियो वायरल हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
शुक्रवार को जारी हुए वीडियो में एक कमरे में स्टाफ नर्स और अन्य स्टाफ बैठा हुआ है। मरीज और तीमारदार मेज के चारों ओर खड़े हैं। इसी दौरान स्टाफ नर्स बच्चे को गोद में लिए खड़े व्यक्ति से कुछ कहती है। कुछ देर बाद उक्त व्यक्ति अपने कुर्ते की जेब से सौ रुपये का नोट निकालता है। वह नर्स को रुपये देने लगता है तो नर्स रुपये हाथ में पकड़ने की बजाय अपने मेज का ड्रॉर खोलती है, जिसमें वह व्यक्ति सौ रुपये रख देता है। इसके बाद ड्रॉर बंद कर दिया जाता है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। तीन दिन पहले भी बड़गांव से इलाज कराने पहुंचे घायल युवक के पिता से पट्टी करने के नाम पर नर्स द्वारा वसूली की गई थी, जिसका भी वीडियो वायरल हुआ था। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही थी, मगर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिसे लेकर पीड़ित हैरान है।
ब्लड बैंक में हो चुकी है कार्रवाई
जिला अस्पताल में वसूली करना नई बात नहीं है। वर्षों से अवैध वसूली की घटनाएं सामने आती रही हैं। ब्लड बैंक में तैनात रहे एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसमें खून की कालाबाजारी करने से लेकर अन्य आरोप शामिल थे। मामले में लखनऊ स्तर तक जांच बैठी थी, जिसके बाद उक्त कर्मचारी को वहां से हटाना पड़ा है।
डॉक्टरों को दिए वसूली रोकने के निर्देश
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय ने शुक्रवार को सभी डॉक्टरों के साथ बैठक की। उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों और तीमारदारों के साथ भद्र व्यवहार करने के साथ ही वार्डों में की जाने वाली वसूली पर नजर रखने और उसकी शिकायत उनसे करने को कहा। वार्ष्णेय ने उन्हें कहा कि वसूली की शिकायतों से अस्पताल की व्यवस्था और छवि खराब हो रही है, जिस पर रोक लगाया जाना जरूरी है।
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मरीजों और तीमारदारों से वसूली की घटनाएं होना व्यवस्था के खिलाफ है। शुक्रवार को वायरल हुआ वीडियो मुझ तक नहीं पहुंचा है। वीडियो मिलने पर उसकी जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी वसूली में दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी। रही बात तीन दिन पहले की गई वसूली के वीडियो की तो उक्त मामले में अभी तक शिकायत नहीं मिली है। - डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।
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