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पुलिस चौकी के पास अवैध फैक्टरी, 5 साल में बेच दीं 12.60 करोड़ पिस्टल

Thu, 16 Dec 2021 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 02:27 AM IST
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Illegal factory near police post, sold 12.60 crore pistols in 5 years
पुलिस चौकी के पास अवैध फैक्टरी, 5 साल में बेच दीं 12.60 करोड़ पिस्टल
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मेरठ। पुलिस ने जाकिर कॉलोनी चौकी के पास पांच साल से चल रही अवैध हथियारों की फैक्टरी का खुलासा करते हुए सरगना समेत छह बदमाश गिरफ्तार किए हैं। एसएसपी ने दावा किया है कि यह गिरोह 1200 अवैध पिस्टल बेचकर 12.60 करोड़ रुपये कमा चुका है। पिछले काफी समय से ये चुनाव में खपाने के लिए पिस्टल तैयार कर रहे थे।
पुलिस लाइन में बुधवार को प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना इरशाद हर महीने औसतन प्रतिमाह 70 अवैध पिस्टल बना रहा था। आरोपी एक पिस्टल 30 हजार रुपये में बेचते थे। बीते पंद्रह दिन से पिस्टलों की डिमांड बढ़ रही थी। इसके चलते इरशाद ने मिस्त्री राशिद के साथ कारीगरों की संख्या भी बढ़ा दी। यह गिरोह मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद और अलीगढ़ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में असलहे सप्लाई करता था। मुखबिर की सूचना पर एसओजी टीम ने पहले सादी वर्दी में जाकर आशियाना कॉलोनी में जाकर पूरी जानकारी जुटाई और फिर छापा मारकर घर में चल रही फैक्टरी पकड़ ली। एसएसपी ने एसओजी टीम को 25 हजार का इनाम दिया है।
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कम उम्र लड़कों किया ट्रेंड, प्रतिदिन देते थे 1000 रुपये
पुलिस का कहना है कि लिसाड़ीगेट का राशिद तमंचे, पिस्टल और बंदूक बनाने में माहिर है। राशिद ने कम उम्र के लड़कों को असलहे बनाना सिखाया। एक हजार रुपये की मजदूरी देकर कम उम्र के लड़कों से घर में पिस्टल बनवा रहा था।
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चौकी के पास चलती रही फैक्टरी, सोती रही पुलिस
पुलिस चौकी के पास असलहे बनाने का धंधा चलता रहा और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे पुलिस के नेटवर्क और कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
एसओजी ने फैक्टरी के पास किराये पर लिया था कमरा
आशियाना कॉलोनी में एक सिपाही ने पहले किराये पर कमरा लिया। सादी वर्दी में घूमकर राशिद के घर की पूरी जानकारी जुटाई। कौन-कौन हथियार बनाने के लिये वहां पर आते है, उनकी जानकारी जुटाई। करीब एक सप्ताह से एसओजी की टीम आशियाना कॉलोनी में लगी थी। सटीक जानकारी मिलने पर ही एसओजी और लिसाड़ीगेट पुलिस ने छापा मारा।
आखिर कौन हैं जो खरीद रहे थे अवैध पिस्टल
पुलिस को अब उन लोगों की तलाश है जो इस अवैध फैक्टरी के संचालकों से हथियार खरीद रहे थे। गिरफ्तार सरगना और उसके साथियों से खरीदारों के नाम पते और उनका नेटवर्क पूछा जा रहा है।
दागी लोगों को गैंग में जोड़ा
गिरोह में दागी लोगों को इरशाद और राशिद जोड़ रहे थे। जिनके खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज है। आरोपी आस मोहम्मद पर दुष्कर्म, हसीन उर्फ भूरा आर्म्स एक्ट की धारा में, आमिर दिल्ली से 50 हजार का इनाम रह चुका। जुल्फिकार अवैध हथियार सप्लाई के मामले में किठौर, ब्रह्मपुरी में पहले से नामजद था। इसके अलावा भी अन्य आरोपियों पर अलग-अलग थानों में लूट, चोरी के मुकदमे दर्ज है।

ये हुए गिरफ्तार: शालीमार गार्डन लिसाडी गेट निवासी इकबाल, आमिर, समर कॉलोनी निवासी आस मोहम्मद, इरशाद, ब्रह्मपुरी निवासी हसीन, शहजाद कॉलोनी निवासी आमिर।
इनकी अभी पुलिस को है तलाश...
राशिद, शहजाद उर्फ बंटी, इसरार, शाहिद, जुल्फिकार।
सात पिस्टल बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से सात पिस्टल बरामद की हैं। तीन अधबनी पिस्टल, 201 मैगजीन मिली हैं। पुलिस ने पिस्टल बनाने के औजार, खराद की मशीन भी बरामद की है।
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