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आरोपी बना रहे थे समझौते का दबाव। शामली अंदर के लि
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पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी जान
शामली, कैराना। आरोपियों ने जिस युवती को अगवा करने की कोशिश की, उसके साथ दो साल पहले दुष्कर्म किया गया था और लगातार इस मामले में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। अजय के पिता सुरेंद्र ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में पैरवी करने को लेकर अजय के ऊपर पहले भी तीन-चार बार हमले हो चुके थे। पीड़ित पक्ष की ओर से इस मामले में कई बार शिकायत की गई। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
मृतक अजय के पिता का आरोप है कि आरोपी खुलेआम गांव में घूमते रहते थे। वह मुकदमे में फैसला करने का दबाव भी बना रहे थे। अजय की शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। अजय की हत्या में शामिल शुभम ने दो साल पहले युवती के साथ दुष्कर्म किया था। परिजनों ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। मरने वाला युवक अजय युवती की ओर से पैरवी कर रहा था। दुष्कर्म का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि मामले में पैरवी करने व फैसला न करने पर शुभम ने अपने भतीजे सन्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर की है। अजय अपने पिता सुरेंद्र का दूसरे नंबर का बेटा था। अजय की अभी तक अविवाहित था।
आरोपियों ने क्रॉस केस कराने की रची थी साजिश
युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दो साल पहले पुलिस ने आरोपी शुभम को सलाखों के पीछे भेजा था, लेकिन वह जमानत पर छूटने के बाद दुष्कर्म के मामले में समझौता कराने कराने के हथकंडे अपनाने लगा था। बताया गया कि करीब एक साल पहले हाथ में गोली मारकर थाने में पीड़ित पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमला करने का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल की तो जानलेवा हमले का मामला फर्जी पाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झूठा केस बनाने के आरोप में कार्रवाई भी की थी।
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पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिरा
घर से गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता का जब आरोपियों ने अपहरण करने का प्रयास किया तो उसके हाथों में पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिर गया। जिसको पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया।
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शामली, कैराना। आरोपियों ने जिस युवती को अगवा करने की कोशिश की, उसके साथ दो साल पहले दुष्कर्म किया गया था और लगातार इस मामले में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। अजय के पिता सुरेंद्र ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में पैरवी करने को लेकर अजय के ऊपर पहले भी तीन-चार बार हमले हो चुके थे। पीड़ित पक्ष की ओर से इस मामले में कई बार शिकायत की गई। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
मृतक अजय के पिता का आरोप है कि आरोपी खुलेआम गांव में घूमते रहते थे। वह मुकदमे में फैसला करने का दबाव भी बना रहे थे। अजय की शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। अजय की हत्या में शामिल शुभम ने दो साल पहले युवती के साथ दुष्कर्म किया था। परिजनों ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। मरने वाला युवक अजय युवती की ओर से पैरवी कर रहा था। दुष्कर्म का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि मामले में पैरवी करने व फैसला न करने पर शुभम ने अपने भतीजे सन्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर की है। अजय अपने पिता सुरेंद्र का दूसरे नंबर का बेटा था। अजय की अभी तक अविवाहित था।
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आरोपियों ने क्रॉस केस कराने की रची थी साजिश
युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दो साल पहले पुलिस ने आरोपी शुभम को सलाखों के पीछे भेजा था, लेकिन वह जमानत पर छूटने के बाद दुष्कर्म के मामले में समझौता कराने कराने के हथकंडे अपनाने लगा था। बताया गया कि करीब एक साल पहले हाथ में गोली मारकर थाने में पीड़ित पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमला करने का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल की तो जानलेवा हमले का मामला फर्जी पाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झूठा केस बनाने के आरोप में कार्रवाई भी की थी।
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पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिरा
घर से गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता का जब आरोपियों ने अपहरण करने का प्रयास किया तो उसके हाथों में पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिर गया। जिसको पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया।