{"_id":"67105aa0bf48ba726906d8d4","slug":"if-bribe-was-not-given-then-the-number-of-the-stolen-truck-was-changed-in-fr-meerut-news-c-72-1-smrt1019-122991-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: घूस नहीं दी तो एफआर में बदल दिया चोरी किए गए ट्रक का नंबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: घूस नहीं दी तो एफआर में बदल दिया चोरी किए गए ट्रक का नंबर
विज्ञापन
दो साल में 15 वीं बार एसएसपी ऑफिस में की शिकायत
पुलिसकर्मियों ने न्यायालय का आदेश भी किया दरकिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चोरी किए गए ट्रक के मुकदमे में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने के नाम पर रिश्वत की मांग पूरी न करने पर जांच अधिकारी ने पीड़ित को परेशान करने की नीयत से ऐसा खेल किया कि वह दो साल से भटक रहा है। संजय कॉलोनी निवासी पीड़ित राजीव यादव का आरोप है कि टीपी नगर थाना पुलिस ने एफआर में उसके ट्रक का नंबर ही बदल दिया। इसके चलते उसे बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिल पाया है। पीड़ित ने बुधवार को एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित राजपाल यादव ने बताया कि उनका ट्रक 19 जुलाई 2022 को मलियाना पुलिस चौकी के पास से चोरी हो गया था। चोरी के छह दिन बाद टीपी नगर पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज की। आरोप है कि पुलिस ने विवेचना में एफआर लगाने के नाम पर पीड़ित से 40 हजार की डिमांड की। लेकिन, जब राजपाल ने पैसे नहीं दिए तो पुलिस ने विवेचना की अंतिम रिपोर्ट में ट्रक का गलत नंबर लिख दिया। जिसके चलते आज तक पीड़ित को बीमा कंपनी से क्लेम की रकम नहीं मिली।
पीड़ित का कहना है कि कोर्ट ने इस मामले में चार बार थाना पुलिस को नोटिस भेजते हुए ट्रक का नंबर सही करने के निर्देश दिया है। लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। राजपाल का आरोप है कि इस प्रकरण में 15वीं बार कप्तान से मिले हैं। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा का कहना है कि इस मामले मे एसपी सिटी को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों ने न्यायालय का आदेश भी किया दरकिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चोरी किए गए ट्रक के मुकदमे में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने के नाम पर रिश्वत की मांग पूरी न करने पर जांच अधिकारी ने पीड़ित को परेशान करने की नीयत से ऐसा खेल किया कि वह दो साल से भटक रहा है। संजय कॉलोनी निवासी पीड़ित राजीव यादव का आरोप है कि टीपी नगर थाना पुलिस ने एफआर में उसके ट्रक का नंबर ही बदल दिया। इसके चलते उसे बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिल पाया है। पीड़ित ने बुधवार को एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित राजपाल यादव ने बताया कि उनका ट्रक 19 जुलाई 2022 को मलियाना पुलिस चौकी के पास से चोरी हो गया था। चोरी के छह दिन बाद टीपी नगर पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज की। आरोप है कि पुलिस ने विवेचना में एफआर लगाने के नाम पर पीड़ित से 40 हजार की डिमांड की। लेकिन, जब राजपाल ने पैसे नहीं दिए तो पुलिस ने विवेचना की अंतिम रिपोर्ट में ट्रक का गलत नंबर लिख दिया। जिसके चलते आज तक पीड़ित को बीमा कंपनी से क्लेम की रकम नहीं मिली।
विज्ञापन
पीड़ित का कहना है कि कोर्ट ने इस मामले में चार बार थाना पुलिस को नोटिस भेजते हुए ट्रक का नंबर सही करने के निर्देश दिया है। लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। राजपाल का आरोप है कि इस प्रकरण में 15वीं बार कप्तान से मिले हैं। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा का कहना है कि इस मामले मे एसपी सिटी को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन