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रोडवेज और ई-रिक्शा से सफर कर रहा यह आईएएस अफसर, अभी तक नहीं मिली गाड़ी
रणवीर सैनी, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:38 AM IST
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नितिन गौर
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में एसडीएम के रूप में तैनात आईएएस ऑफिसर नितिन गौर को एक महीने से गाड़ी नहीं मिली है। उनकी यात्रा रोडवेज बस और ई-रिक्शा से हो रही है।
रोडवेज में सफर करते आम जनता उनकी सरलता को एकटक देखती है। तहसील कर्मी गौर की शालीनता के कायल हो गए हैं। कहते हैं ऐसा आईएएस अफसर पहली बार देखा है।
एक माह पूर्व 15 अक्तूबर को आईएएस ऑफिसर नितिन गौर की पोस्टिंग बुढ़ाना में एसडीएम के रूप में हुई। उनकी पोस्टिंग से पहले ही एसडीएम की गाड़ी यहां कंडम हो चुकी थी।
नई गाड़ी प्रशासन की ओर से अलॉट की गई, लेकिन नई गाड़ी अभी तक नहीं आई है। आईएएस नितिन गौर पहले दिन से ही नई गाड़ी के इंतजार में हैं।
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रोडवेज में सफर करते आम जनता उनकी सरलता को एकटक देखती है। तहसील कर्मी गौर की शालीनता के कायल हो गए हैं। कहते हैं ऐसा आईएएस अफसर पहली बार देखा है।
एक माह पूर्व 15 अक्तूबर को आईएएस ऑफिसर नितिन गौर की पोस्टिंग बुढ़ाना में एसडीएम के रूप में हुई। उनकी पोस्टिंग से पहले ही एसडीएम की गाड़ी यहां कंडम हो चुकी थी।
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नई गाड़ी प्रशासन की ओर से अलॉट की गई, लेकिन नई गाड़ी अभी तक नहीं आई है। आईएएस नितिन गौर पहले दिन से ही नई गाड़ी के इंतजार में हैं।
बिना सरकारी गाड़ी के पूरा महीना बीत चुका है। बुढ़ाना में तो अधीनस्थ ऑफिसर की गाड़ी में जांच आदि के लिए चले जाते हैं, लेकिन जिला मुख्यालय आने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस ऑफिसर की शालीनता यह है कि यह रोडवेज बस से ही मुख्यालय पर आ रहे हैं। अर्दली और अंगरक्षक के साथ रोडवेज बस स्टैंड और बस में जो भी देखता है, वह दंग रह जाता हैं।
कहते हैं ऐसे सरल स्वभाव के अफसर कहां देखने को मिलते हैं। तहसील कर्मी उनकी भल मनसाहत के कायल हैं। इस संबंध में नितिन गौर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
गाड़ी तो अलॉट है: डीएम
एसडीएम की गाड़ी को लेकर डीएम राजीव शर्मा का कहना है कि उन्हें गाड़ी तो अलॉट है। डीएम ने यह तो बता दिया कि गाड़ी अलॉट है पर यह नहीं बताया कि मिलेगी कब।
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इस ऑफिसर की शालीनता यह है कि यह रोडवेज बस से ही मुख्यालय पर आ रहे हैं। अर्दली और अंगरक्षक के साथ रोडवेज बस स्टैंड और बस में जो भी देखता है, वह दंग रह जाता हैं।
कहते हैं ऐसे सरल स्वभाव के अफसर कहां देखने को मिलते हैं। तहसील कर्मी उनकी भल मनसाहत के कायल हैं। इस संबंध में नितिन गौर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
गाड़ी तो अलॉट है: डीएम
एसडीएम की गाड़ी को लेकर डीएम राजीव शर्मा का कहना है कि उन्हें गाड़ी तो अलॉट है। डीएम ने यह तो बता दिया कि गाड़ी अलॉट है पर यह नहीं बताया कि मिलेगी कब।
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