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Meerut News: प्रभु यीशु के पुनर्जीवन पर भजन-कीर्तन और सामूहिक आराधना
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में शनिवार को प्रभु यीशु के पुनर्जीवन के पर्व पर पास्का जागरण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रात 10:30 बजे से पहले आग के आशीष अनुष्ठान से शुरू हुआ, जिसमें पास्का मोमबत्तियों को जलाकर ज्योति का गुणगान किया गया।
जागरण के दौरान धर्मगुरुओं ने चर्च में उपस्थित श्रद्धालुओं को पवित्र बाइबिल के माध्यम से मानव मुक्ति और ईश्वर के जीवित होने के इतिहास का पाठ सुनाया। ईसाई धर्म के अनुयायियों का दृढ़ विश्वास है कि क्रूस पर बलिदान देने के तीसरे दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए थे। फादर मार्टिन रावत ने बताया कि पास्का का अर्थ पार लगना और ईस्टर का अर्थ आशा की प्रभात होता है। उन्होंने कहा कि इस जागरण का उद्देश्य प्रभु के पुनर्जीवन की खुशी में पूजा, उपासना और भजन के माध्यम से कृतज्ञता व्यक्त करना है।
फादर ने बताया कि इस पर्व के माध्यम से लोग गुलामी, शोषण और अन्य बंधनों से मुक्ति, शांति, प्रेम और बराबरी का संदेश लेते हैं। जागरण में फादर वलेरियन पिंटो, फादर पीटर प्रकाश, फादर विजय, फादर रोपित और फादर मंगल सहित अन्य धर्मगुरु मौजूद रहे। उन्होंने विश्वासियों से कहा कि प्रभु यीशु ने हमारे जीवन के दुखों को बदल दिया है और यही उनके वरदान का प्रतीक है। देर रात तक आराधना संगीत और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवन की खुशी का उत्सव मनाया।
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सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में शनिवार को प्रभु यीशु के पुनर्जीवन के पर्व पर पास्का जागरण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रात 10:30 बजे से पहले आग के आशीष अनुष्ठान से शुरू हुआ, जिसमें पास्का मोमबत्तियों को जलाकर ज्योति का गुणगान किया गया।
जागरण के दौरान धर्मगुरुओं ने चर्च में उपस्थित श्रद्धालुओं को पवित्र बाइबिल के माध्यम से मानव मुक्ति और ईश्वर के जीवित होने के इतिहास का पाठ सुनाया। ईसाई धर्म के अनुयायियों का दृढ़ विश्वास है कि क्रूस पर बलिदान देने के तीसरे दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए थे। फादर मार्टिन रावत ने बताया कि पास्का का अर्थ पार लगना और ईस्टर का अर्थ आशा की प्रभात होता है। उन्होंने कहा कि इस जागरण का उद्देश्य प्रभु के पुनर्जीवन की खुशी में पूजा, उपासना और भजन के माध्यम से कृतज्ञता व्यक्त करना है।
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फादर ने बताया कि इस पर्व के माध्यम से लोग गुलामी, शोषण और अन्य बंधनों से मुक्ति, शांति, प्रेम और बराबरी का संदेश लेते हैं। जागरण में फादर वलेरियन पिंटो, फादर पीटर प्रकाश, फादर विजय, फादर रोपित और फादर मंगल सहित अन्य धर्मगुरु मौजूद रहे। उन्होंने विश्वासियों से कहा कि प्रभु यीशु ने हमारे जीवन के दुखों को बदल दिया है और यही उनके वरदान का प्रतीक है। देर रात तक आराधना संगीत और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवन की खुशी का उत्सव मनाया।
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