मुजफ्फरनगर: संरक्षित किया जा रहा 114 साल पुराना पुलिस रिकॉर्ड, एसएसपी ने की पहल
- पुलिस लाइन में रिकार्ड में रखे गए अपराध रजिस्टरों के पन्नों को किया जा रहा स्कैन
- डिजिटल रूप में संरक्षित रखने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव की पहल पर शुरू हुआ कार्य
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एसएसपी अभिषेक यादव की पहल पर सौ साल पुराने पुलिस रिकॉर्ड को संरक्षित कराने का कार्य किया जा रहा है। धीरे-धीरे नष्ट होने की ओर बढ़ रहे जिले के 114 साल पुराने पुलिस के रिकॉर्ड को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संरक्षित किया जा रहा है। एसएसपी अभिषेक यादव के आदेश पर सभी अपराध रजिस्टरों को स्कैन कर उसका डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि पुलिस का एक सदी से भी पुराना रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रह सके।
जनपद में पुलिस विभाग के पास एक सदी से भी अधिक यानि 114 साल का पुलिस रिकॉर्ड है, जो अपराध नोटबुक में हस्तलिखित है। विभागीय उदासीनता के चलते अपराध नोटबुक के पन्ने बेहद पुराने होने के साथ ही धीरे-धीरे नष्ट भी होते जा रहे थे।
एसएसपी अभिषेक यादव की ओर से अब जिले की इस अति महत्वपूर्ण धरोहर को संजोने के लिए कदम उठाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संरक्षित किया जा रहा है।
पुलिस लाइन में इन सभी अपराध रजिस्टरों के सभी पेजों को स्कैन किया जा रहा है, जिसका डाटा भविष्य के लिए संरक्षित किया जाएगा। इसके बाद जनपद पुलिस का यह डाटा हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा, जिस पर अपराध रजिस्टर नष्ट होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
जिले में 114 वर्ष का रिकॉर्ड अपराध नोटबुक के रूप में है, जिसे हस्तलिखित तैयार किया जाता रहा है। समय बीतने के साथ ही यह रिकॉर्ड अपराध नोटबुक के पेज भंगुर होने से नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया था, जिसे अब डिजिटल संरक्षित किया जा रहा है। इसके तहत सभी अभिलेखों की डिजिटल स्कैनिंग कर उसका डाटा तैयार किया जा रहा है, जो लिंबे समय तक सुरक्षित रहेगा। - अभिषेक यादव, एसएसपी।