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कैसे हो गन्ना आपूर्ति जब विभाग नहीं दे रहा पर्याप्त पर्ची
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कैसे हो गन्ना आपूर्ति, जब विभाग नहीं दे रहा पर्याप्त पर्ची
मेरठ। पर्ची खत्म होने, खेतों में गन्ना बचा होने और अधिकारियों द्वारा समस्या का समाधान नहीं करने से परेशान किसानों का मामला गन्ना आयुक्त तक पहुंच गया है। रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव डॉक्टर राजकुमार सांगवान ने गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी को लेटर मेल करके पूरे मामले की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया कि गन्ना पर्ची ना मिलने से किसान संकट में हैं। जितना गन्ना खेतों में खड़ा है उसका एक तिहाई एग्रीमेंट कर गन्ना समितियां पल्ला झाड़ रही हैं। किसानों को मजबूरी में दूसरे किसानों की पर्चियों पर गन्ना डालना पड़ रहा है। गन्ना समिति के अधिकारी और कर्मचारियों के मोबाइल स्विच ऑफ रहते हैं। जब फोन खुलते हैं तो जिनके नंबर पहचानते हैं, उनके नंबर ही उठाते हैं। सांगवान ने मांग की कि गन्ने के सापेक्ष पर्ची का निर्धारण कर किसानों को समय पर गन्ना डालने में सहूलियत दिलाई जाए।
किसान काट रहे अधिकारियों के चक्कर
पत्र में पीड़ित किसानों का भी हवाला दिया गया है। बताया गया कि ग्राम चिंदौड़ी निवासी कृष्णपाल के पास करीब 1400 कुंतल गन्ना खड़ा है और गन्ना समिति ने केवल 400 कुंतल का ही एग्रीमेंट किया है। गांव रोहटा निवासी चंद्रपाल सिंह के पास 1200 कुंतल गन्ना बचा है, जिस पर केवल चार पर्ची ही लगाई गई हैं। रोहटा के ही प्रवीण की भी यही समस्या है। किसान अरविंद चौबला के पास आठ बीघा गन्ना खड़ा है, लेकिन गन्ना समिति मलियाना में उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान उदयवीर और पप्पू चौबला के साथ दुर्व्यवहार भी हुआ और 800 कुंतल गन्ने में कुल 250 कुंतल का एग्रीमेंट किया गया। यही हाल डूंगर के किसान नरेंद्र सिंह के साथ हुआ। लॉकडाउन के कारण किसान न तो जिला गन्ना अधिकारी से मिल सकता है और न ही जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुना सकता है।
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मेरठ। पर्ची खत्म होने, खेतों में गन्ना बचा होने और अधिकारियों द्वारा समस्या का समाधान नहीं करने से परेशान किसानों का मामला गन्ना आयुक्त तक पहुंच गया है। रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव डॉक्टर राजकुमार सांगवान ने गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी को लेटर मेल करके पूरे मामले की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया कि गन्ना पर्ची ना मिलने से किसान संकट में हैं। जितना गन्ना खेतों में खड़ा है उसका एक तिहाई एग्रीमेंट कर गन्ना समितियां पल्ला झाड़ रही हैं। किसानों को मजबूरी में दूसरे किसानों की पर्चियों पर गन्ना डालना पड़ रहा है। गन्ना समिति के अधिकारी और कर्मचारियों के मोबाइल स्विच ऑफ रहते हैं। जब फोन खुलते हैं तो जिनके नंबर पहचानते हैं, उनके नंबर ही उठाते हैं। सांगवान ने मांग की कि गन्ने के सापेक्ष पर्ची का निर्धारण कर किसानों को समय पर गन्ना डालने में सहूलियत दिलाई जाए।
किसान काट रहे अधिकारियों के चक्कर
पत्र में पीड़ित किसानों का भी हवाला दिया गया है। बताया गया कि ग्राम चिंदौड़ी निवासी कृष्णपाल के पास करीब 1400 कुंतल गन्ना खड़ा है और गन्ना समिति ने केवल 400 कुंतल का ही एग्रीमेंट किया है। गांव रोहटा निवासी चंद्रपाल सिंह के पास 1200 कुंतल गन्ना बचा है, जिस पर केवल चार पर्ची ही लगाई गई हैं। रोहटा के ही प्रवीण की भी यही समस्या है। किसान अरविंद चौबला के पास आठ बीघा गन्ना खड़ा है, लेकिन गन्ना समिति मलियाना में उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान उदयवीर और पप्पू चौबला के साथ दुर्व्यवहार भी हुआ और 800 कुंतल गन्ने में कुल 250 कुंतल का एग्रीमेंट किया गया। यही हाल डूंगर के किसान नरेंद्र सिंह के साथ हुआ। लॉकडाउन के कारण किसान न तो जिला गन्ना अधिकारी से मिल सकता है और न ही जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुना सकता है।
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