भयावह हालात : मेरठ में 10 दिन में 15 हजार मरीज होम आइसोलेट, अस्पताल फुल, गंभीर मरीज भी घर में रहने को मजबूर
मेरठ में एक मई से अब तक 11 दिनों में ही 15 हजार लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अस्पतालों में गिनती के मरीज ही भर्ती हुए हैं, बाकी सभी होम आइसोलेट हैं
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अब तक 53572 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 540 लोगों की मौत दिखा रहा है। 878 मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 36507 की छुट्टी हो चुकी है। आरटीपीसीआर जांच में ज्यादा संक्रमित निकले।
एक मई से अब तक 11 दिनों में ही 15 हजार लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अस्पतालों में गिनती के मरीज ही भर्ती हुए हैं, बाकी सभी होम आइसोलेट हैं। ऐसे में होम आइसोलेट मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ये कोरोना की चेन को और लंबा कर सकता है। ऐसे ही हालात रहे तो स्थिति भयावह हो सकती है।
कोरोना संक्रमण शहर से गांव तक बढ़ता ही जा रहा है। हालात बेहद भयावह होते जा रहे हैं। एक मई से 11 मई तक ही 15 हजार के करीब लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। कई हजार इससे पहले संक्रमित हैं। मेरठ में कोविड अस्पतालों की बात करें तो तीन हजार बेड में से आधे पर गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और दिल्ली के मरीज भर्ती हैं। ऐसे में डेढ़ हजार के करीब ही मेरठ के मरीज भर्ती हैं। यानी की बाकी जितने भी मरीज हैं, वे सब होम आइसोलेट हैं।
रविवार को जहां 2190 मरीज संक्रमित आए, वहीं रविवार को 20 मरीज भी भर्ती नहीं किए गए। हर जगह बेड फुल मिले। यानी कि साफ है कि रोज जितने मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं, उनमें से इक्का-दुक्का को छोड़कर ही अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में घरों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अगर संक्रमण कम नहीं हुआ तो ये स्थिति और ज्यादा बढ़ने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। ये तो वे केस हैं, जो टेस्ट वाले हैं। शहर से देहात तक कितने ही लोग बुखार आने के बाद भी अपना टेस्ट नहीं करा रहे हैं। ऐसे में संक्रमण अधिक फैल सकता है।
मरीज की अनदेखी न करें, लेकिन अपना भी ध्यान रखें
डॉक्टरों का कहना है कि जो मरीज होम आइसोलेट हैं, वे कोरोना की सभी गाइड लाइन का पालन करें। अगर इसमें ध्यान नहीं रखा जाता है तो ये चेन लंबी होती जाएगी। जिसके बाद संक्रमण और तेजी से फैलेगा। परिवार के अन्य सदस्य भी चपेट में आ सकते हैं।
ऐसे में परिवार के जिस सदस्य को कोरोना है, वो अपने कमरे में ही रहें। बाकी सदस्य उनको खाना आदि दें तो मास्क लगाकर रखें। डॉक्टरों का कहना है कि एहतियात सबसे ज्यादा जरूरी है। क्योंकि जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं और होम आइसोलेशन बढ़ रहा है, वैसे ही संक्रमण और फैलने की आशंका है।
ड्यूटी से गैर हाजिर मिले 5 चिकित्सक, दो का वेतन काटा
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार मंगलवार तड़के साढ़े चार बजे कोविड औचक निरीक्षण किया। वहां पांच चिकित्सक ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। इनमें दो फैकल्टी, दो सीनियर डॉक्टर और दो जूनियर डॉक्टर शामिल हैं। प्राचार्य ने बताया कि जूनियर और सीनियर डॉक्टर को चेतावनी दी गई है। जवाब तलब किया गया है। दो फैकल्टी हैं, उनका एक दिन का वेतन काटा गया है।
बच्चों की देखभाल के लिए नंबर हुए जारी
शासन के निर्देश पर बच्चों की देखभाल करने के लिए जिला स्तर पर नंबर जारी कर दिए गए हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया ने बताया कि ऐसे बच्चों की देखभाल की जाएगी, जो बच्चे 18 वर्ष से कम आयु के होंगे। जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना के कारण हो गई, जिनके माता-पिता कोरोना के कारण अस्पताल और होम आइसोलेशन में हो, ऐसे लोग जानकारी दे सकते हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला कल्याण अधिकारी 8273422540, सरंक्षण अधिकारी 8077583045, महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचित कर सकते हैं।