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मढ़ियाई पशु मेले में खरीदने पहुंच रहे घोडे़-खच्चर, फरीदाबाद के व्यापारी का घोड़ा 1.51 लाख में बिका
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मढ़ियाई पशु मेले में खरीदने पहुंच रहे घोडे़-खच्चर, फरीदाबाद के व्यापारी का घोड़ा 1.51 लाख में बिका
सरधना। मढ़ियाई के पशु मेले में प्रदेश ही नहीं, दूसरे प्रांतों से पशु व्यापारियों का जमावड़ा लगने लगा है। घोड़ों की खरीद फरोख्त जोरों पर हो रही है। शुक्रवार को पशु मेले में फरीदाबाद के व्यापारी द्वारा लाया गया घोड़ा 1.51 लाख में बिका। यह घोड़ा मेले में आकर्षण का केंद्र रहा।
गांव मढ़ियाई में पशु मेला पिछले एक सप्ताह पहले से शुरू हो गया था। पिछले दो सालों में कोरोना संक्रमण के चलते मेला नहीं लगा था। इस वर्ष भी पशु मेले में विभिन्न प्रदेशों से घोड़े, खच्चर बिक्री के लिए आए हैं। घोड़ा खरीदने के शौकीन घुड़सवारों ने बोलियां लगाई। पशु मेले में विक्रेता अपने-अपने गधों खच्चरों को सजा कर लाते हैं। इस मेले में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रदेशों से भी गधे, घोड़ों, खच्चरों के क्रय-विक्रय के लिए खरीदार काफी संख्या में पहुंचते हैं। मेले में हर वर्ष हजारों गधे, घोड़े व खच्चर खरीदे-बेचे जाते हैं। जिनकी कीमतों हजारों रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये में होती है। दूरदराज से आने वाले व्यापारियों ने अपने स्तर पर मैदान में मिट्टी डलवा कर अपने टेंट लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल प्रशासन को पशु मेले से लाखों का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन यहां आने वाले व्यापारियों व ग्राहकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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सरधना। मढ़ियाई के पशु मेले में प्रदेश ही नहीं, दूसरे प्रांतों से पशु व्यापारियों का जमावड़ा लगने लगा है। घोड़ों की खरीद फरोख्त जोरों पर हो रही है। शुक्रवार को पशु मेले में फरीदाबाद के व्यापारी द्वारा लाया गया घोड़ा 1.51 लाख में बिका। यह घोड़ा मेले में आकर्षण का केंद्र रहा।
गांव मढ़ियाई में पशु मेला पिछले एक सप्ताह पहले से शुरू हो गया था। पिछले दो सालों में कोरोना संक्रमण के चलते मेला नहीं लगा था। इस वर्ष भी पशु मेले में विभिन्न प्रदेशों से घोड़े, खच्चर बिक्री के लिए आए हैं। घोड़ा खरीदने के शौकीन घुड़सवारों ने बोलियां लगाई। पशु मेले में विक्रेता अपने-अपने गधों खच्चरों को सजा कर लाते हैं। इस मेले में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रदेशों से भी गधे, घोड़ों, खच्चरों के क्रय-विक्रय के लिए खरीदार काफी संख्या में पहुंचते हैं। मेले में हर वर्ष हजारों गधे, घोड़े व खच्चर खरीदे-बेचे जाते हैं। जिनकी कीमतों हजारों रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये में होती है। दूरदराज से आने वाले व्यापारियों ने अपने स्तर पर मैदान में मिट्टी डलवा कर अपने टेंट लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल प्रशासन को पशु मेले से लाखों का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन यहां आने वाले व्यापारियों व ग्राहकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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