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Meerut News: मढियाई के पशु मेले में दो लाख में बिका घोड़ा, पशु व्यापारियों का लगा जमावड़ा
Sat, 18 Mar 2023 09:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2023 09:01 AM IST
सार
मेरठ के सरधना में आयोजित पशु मेले में इन दिनों कई घोड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस दौरान एक व्यापारी का नौकरी नस्ल का घोड़ा 2 लाख की कीमत में बेचा गया।
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घोड़ा देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सरधना के मढि़याई के घोड़ा मेले में देश के विभिन्न प्रदेशों से पशु व्यापारियों का जमावड़ा लगने लगा है। आठ दिवसीय पशु मेले में दूरदराज से आने वाली व्यापारियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। दिल्ली, यूपी, राजस्थान, जम्मू, गुजरात सहित अन्य राज्यों से आए व्यापारियों ने यहां डेरा जमा रखा है। मेले में दो लाख की कीमत के कई घोड़े आए हुए हैं, जिनमें शान, खुशी, बसंत, सुंदर के करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
गांव मढि़याई की पशु पैठ में घोड़ों का मेला लगा हुआ है। मेले में आए घोड़ों की मस्त चाल और सुंदर डील-डोल के चलते न चाहते हुए भी लोग एक दफा इन्हें देखने के लिए रुक जाते हैं। शुक्रवार को मेले में दूरदराज से आए व्यापारियों ने विभिन्न नस्लों के घोड़ों का जायजा लिया। मंगलवार से शुरू हुए मेले में घोड़ों की खरीद फरोख्त जोरों पर हो रही है।
शुक्रवार को पशु मेले में गुजरात से व्यापारी द्वारा लाया गया नुकरी नस्ल का घोड़ा 2 लाख का बिका। यह घोड़ा मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। वह अपने पशुओं को प्रदर्शनी के लिए लाए थे। सिंध नस्ल के घोड़े रुस्तम के साथ आए राजस्थान निवासी तेजेंद्र सिंह का कहना था कि सिंध नस्ल के घोड़े पाकिस्तान में पाए जाते हैं। अपने देश में नस्ल सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं।
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बीते वर्षों की भांति इस वर्ष भी पशु मेले में विभिन्न प्रदेशों से घोड़े, खच्चर बिक्री के लिए आए हैं। घोड़ा खरीदने के शौकीन घुड़सवारों ने बोलियां लगाईं। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से घोड़ा, घोड़ी, खच्चर बिक्री के लिए आते हैं। पशु मेले में प्रजापति बिरादरी के लोग अपने-अपने गधों व खच्चरों को सजाकर लाते है। मेले में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रदेशों से भी गधे, घोड़ों, खच्चरों के क्रय-विक्रय के लिए काफी संख्या में व्यापारी पहुंचते हैं।
मेले में हर वर्ष हजारों गधे, घोड़े व खच्चर खरीदे-बेचे जाते हैं। जिनकी कीमतें हजारों रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये में होती है। पैठ संचालक शबी खान, समर कुरैशी, बाबू खान का कहना था कि हर साल प्रशासन को पशु मेले से लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
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गांव मढि़याई की पशु पैठ में घोड़ों का मेला लगा हुआ है। मेले में आए घोड़ों की मस्त चाल और सुंदर डील-डोल के चलते न चाहते हुए भी लोग एक दफा इन्हें देखने के लिए रुक जाते हैं। शुक्रवार को मेले में दूरदराज से आए व्यापारियों ने विभिन्न नस्लों के घोड़ों का जायजा लिया। मंगलवार से शुरू हुए मेले में घोड़ों की खरीद फरोख्त जोरों पर हो रही है।
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शुक्रवार को पशु मेले में गुजरात से व्यापारी द्वारा लाया गया नुकरी नस्ल का घोड़ा 2 लाख का बिका। यह घोड़ा मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। वह अपने पशुओं को प्रदर्शनी के लिए लाए थे। सिंध नस्ल के घोड़े रुस्तम के साथ आए राजस्थान निवासी तेजेंद्र सिंह का कहना था कि सिंध नस्ल के घोड़े पाकिस्तान में पाए जाते हैं। अपने देश में नस्ल सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं।
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बीते वर्षों की भांति इस वर्ष भी पशु मेले में विभिन्न प्रदेशों से घोड़े, खच्चर बिक्री के लिए आए हैं। घोड़ा खरीदने के शौकीन घुड़सवारों ने बोलियां लगाईं। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से घोड़ा, घोड़ी, खच्चर बिक्री के लिए आते हैं। पशु मेले में प्रजापति बिरादरी के लोग अपने-अपने गधों व खच्चरों को सजाकर लाते है। मेले में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रदेशों से भी गधे, घोड़ों, खच्चरों के क्रय-विक्रय के लिए काफी संख्या में व्यापारी पहुंचते हैं।
मेले में हर वर्ष हजारों गधे, घोड़े व खच्चर खरीदे-बेचे जाते हैं। जिनकी कीमतें हजारों रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये में होती है। पैठ संचालक शबी खान, समर कुरैशी, बाबू खान का कहना था कि हर साल प्रशासन को पशु मेले से लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।