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दुकानदारों का दर्द: 50 साल का काम समेट 5 दिन में कहां जाएं
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दुकानदारों का दर्द: 50 साल का काम समेट 5 दिन में कहां जाएं
मेरठ। लालकुर्ती के गड्ढा मार्केट के दुकानदारों का अपना दर्द है। दुकानदारों ने कहा कि वह शहर की तरक्की के लिए आए रैपिड रेल के प्रोजेट को देखते हुए दुकान खाली करने को तैयार हैं पर 50 साल के कारोबार को समेटकर पांच दिन में कहां जाएं। दुकानदारों ने कहा कि कैंट बोर्ड अफसरों को पहले दुकानें आवंटित करनी चाहिए।
कैंट बोर्ड की तरफ से उद्योग बंधु की बैठक में दुकानदारों को अमृत होटल के पीछे दुकानें बनवाकर देने की बात कही गई थी। दुकानदारों का कहना है कि वहां पर हल्की बारिश होते ही पानी भर जाता है। दुकानदार आबूलेन के बंगला नंबर 180 में दुकानें दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कैंट बोर्ड का कहना है कि पार्किंग की जमीन दुकानदारों को नहीं दी जा सकती।
गड्ढ़ा मार्केट व्यापार संगठन के महामंत्री मनीष अग्रवाल ने कहा कि पांच दिन में खाली करने का नोटिस दिया जाना गलत है। दुकानदारों से नई दुकानों के आवंटन के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये लेने की बात भी कही जा रही है। इस बारे में सीईओ से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। मार्केट के पूर्व अध्यक्ष मोबिन, वीरेंद्र गुलाटी, दीपक सेठी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, दीपक अरोड़ा आदि ने शनिवार को इसके विरोध में प्रदर्शन करने की बात कही है।
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करेंगे विरोध
कैंट बोर्ड अंग्रेजों की तरह निर्णय ले रहा है। पहले दुकानें बनवाकर देनी चाहिए थीं। हम इसका विरोध करेंगे।
कार्तिक श्रीवास्तव, दुकानदार
हमारा क्या है गुनाह
इस तरह से नोटिस दे दिए गए हैं जैसे हम अपराधी हैं। 50 साल पुरानी दुकानों को ऐसे अचानक कैसे खाली कर दें।
मयंक, दुकानदार
हम विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन हमारे बारे में भी तो सोचना चाहिए। हमारे परिवार कैसे परिवार चलेंगे।
अमित, दुकानदार
निकालेंगे रास्ता
कैंट बोर्ड के अधिकारियों की तरफ से दुकानें बनवाए जाने की बात कही गई थी। कैंट बोर्ड व्यापारियों से बात कर रास्ता निकालेगा।
दिवाकर सिंह, एडीएम सिटी
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मेरठ। लालकुर्ती के गड्ढा मार्केट के दुकानदारों का अपना दर्द है। दुकानदारों ने कहा कि वह शहर की तरक्की के लिए आए रैपिड रेल के प्रोजेट को देखते हुए दुकान खाली करने को तैयार हैं पर 50 साल के कारोबार को समेटकर पांच दिन में कहां जाएं। दुकानदारों ने कहा कि कैंट बोर्ड अफसरों को पहले दुकानें आवंटित करनी चाहिए।
कैंट बोर्ड की तरफ से उद्योग बंधु की बैठक में दुकानदारों को अमृत होटल के पीछे दुकानें बनवाकर देने की बात कही गई थी। दुकानदारों का कहना है कि वहां पर हल्की बारिश होते ही पानी भर जाता है। दुकानदार आबूलेन के बंगला नंबर 180 में दुकानें दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कैंट बोर्ड का कहना है कि पार्किंग की जमीन दुकानदारों को नहीं दी जा सकती।
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गड्ढ़ा मार्केट व्यापार संगठन के महामंत्री मनीष अग्रवाल ने कहा कि पांच दिन में खाली करने का नोटिस दिया जाना गलत है। दुकानदारों से नई दुकानों के आवंटन के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये लेने की बात भी कही जा रही है। इस बारे में सीईओ से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। मार्केट के पूर्व अध्यक्ष मोबिन, वीरेंद्र गुलाटी, दीपक सेठी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, दीपक अरोड़ा आदि ने शनिवार को इसके विरोध में प्रदर्शन करने की बात कही है।
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करेंगे विरोध
कैंट बोर्ड अंग्रेजों की तरह निर्णय ले रहा है। पहले दुकानें बनवाकर देनी चाहिए थीं। हम इसका विरोध करेंगे।
कार्तिक श्रीवास्तव, दुकानदार
हमारा क्या है गुनाह
इस तरह से नोटिस दे दिए गए हैं जैसे हम अपराधी हैं। 50 साल पुरानी दुकानों को ऐसे अचानक कैसे खाली कर दें।
मयंक, दुकानदार
हम विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन हमारे बारे में भी तो सोचना चाहिए। हमारे परिवार कैसे परिवार चलेंगे।
अमित, दुकानदार
निकालेंगे रास्ता
कैंट बोर्ड के अधिकारियों की तरफ से दुकानें बनवाए जाने की बात कही गई थी। कैंट बोर्ड व्यापारियों से बात कर रास्ता निकालेगा।
दिवाकर सिंह, एडीएम सिटी