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होमगार्ड के जवानों के हवाले शहर के चौराहे
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मेरठ। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी त्योहारों से पहले नए प्लान बनाने एवं यातायात व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहे हैं। हालांकि हकीकत यह है कि शहर के प्रमुख चौराहे अथवा भीड़ वाले स्थान होमगार्ड के जवानों के हवाले हैं। वहीं, ट्रैफिक पुलिस का पूरा अमला वाहनों के चालान काटने एवं शमन शुल्क वसूलने में जुटा है। ट्रैफिक पुलिस में पांच इंस्पेक्टर, 3 टीएसआई, 45 एचसीपी व हेड कांस्टेबल, 131 सिपाही, 42 महिला सिपाही व 100 होमगार्ड के जवान हैं।
बच्चा पार्क
यह चौराहा सबसे भीड़ वाला है। यहां बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे होमगार्ड का एक जवान यातायात नियंत्रित कर रहा था। हालांकि तीन अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों के चालान काटने में जुटे थे।
बेगमपुल
बेगमपुल चौराहे का भी यही हाल रहा। होमगार्ड का एक जवान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहा था। वहीं, चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों के कागज चेक कर चालान काटने एवं शमन शुल्क वसूलने में व्यस्त थे। हालांकि चौराहे से वाहन आड़े तिरछे निकल रहे थे।
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टैंक चौराहा
यहां हर रोज जाम की समस्या रहती है। बृहस्पतिवार दोपहर ट्रैफिक सिपाही चौराहे से दूर वाहनों के चालान काटते नजर आए। यहां मौजूद होमगार्ड का जवान भी दूर खड़ा था। अब सवाल यह है कि हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी चालान काटेंगे तो फिर यातायात व्यवस्था कौन संभालेगा।
साकेत चौराहा
ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में यह आदर्श चौराहा है। यहां से मंडलायुक्त का आवास 50 कदम दूर है। वीआईपी चौराहा होने के बावजद यहां होमगार्ड का एक जवान ही यातायात व्यवस्था संभालते नजर आया। वहीं, चार पुलिसकर्मी माल रोड और मवाना रोड की तरफ वाहनों की चेकिंग कर चालान काट रहे थे।
यातायात माह के चालान
1 नवंबर 576
2 नवंबर 818
3 नवंबर 835
4 नवंबर 813
5 नवंबर 572 शाम 6 बजे तक
शमन शुल्क रुपये में
1 नवंबर 68300
2 नवंबर 145750
3 नवंबर 188500
4 नवंबर 201500
5 नवंबर 225500
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बच्चा पार्क
यह चौराहा सबसे भीड़ वाला है। यहां बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे होमगार्ड का एक जवान यातायात नियंत्रित कर रहा था। हालांकि तीन अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों के चालान काटने में जुटे थे।
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बेगमपुल
बेगमपुल चौराहे का भी यही हाल रहा। होमगार्ड का एक जवान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहा था। वहीं, चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों के कागज चेक कर चालान काटने एवं शमन शुल्क वसूलने में व्यस्त थे। हालांकि चौराहे से वाहन आड़े तिरछे निकल रहे थे।
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टैंक चौराहा
यहां हर रोज जाम की समस्या रहती है। बृहस्पतिवार दोपहर ट्रैफिक सिपाही चौराहे से दूर वाहनों के चालान काटते नजर आए। यहां मौजूद होमगार्ड का जवान भी दूर खड़ा था। अब सवाल यह है कि हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी चालान काटेंगे तो फिर यातायात व्यवस्था कौन संभालेगा।
साकेत चौराहा
ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में यह आदर्श चौराहा है। यहां से मंडलायुक्त का आवास 50 कदम दूर है। वीआईपी चौराहा होने के बावजद यहां होमगार्ड का एक जवान ही यातायात व्यवस्था संभालते नजर आया। वहीं, चार पुलिसकर्मी माल रोड और मवाना रोड की तरफ वाहनों की चेकिंग कर चालान काट रहे थे।
यातायात माह के चालान
1 नवंबर 576
2 नवंबर 818
3 नवंबर 835
4 नवंबर 813
5 नवंबर 572 शाम 6 बजे तक
शमन शुल्क रुपये में
1 नवंबर 68300
2 नवंबर 145750
3 नवंबर 188500
4 नवंबर 201500
5 नवंबर 225500