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रास्ते पर कब्जा, पैमाइश की मांग
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मवाना। हस्तिनापुर ब्लाक के गांव सदरपुर के कुछ लोगों ने डीएम के नाम एसडीएम को शिकायत पत्र दिया। इसमें महमूदपुर सिखेड़ा जाने वाली लिंक रोड की पैमाइश कराने और रास्ता छोड़कर बिजली के खंभे लगवाने की मांग की।
गांव सदरपुर के ग्रामीणों ने पत्र में कहा है कि सदरपुर से एक लिंक रोड महमूदपुर सिखेड़ा को जाती है। कई बार इस रोड की पैमाइश कराकर मिट्टी का कार्य भी हुआ। सन 1984 में तत्कालीन एसडीएम संतोष कुमार द्विवेदी ने पैमाइश कराने के बाद प्रधान से मिट्टी का काम कराया और 22 फीट चौड़ा रास्ता बनवाया था। आरोप है कि दो किसानों ने धीरे-धीरे रास्ता काट लिया। सन 2003 में पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने अपनी निधि से 22 फीट चौड़ी सड़क तैयार कराई थी। इसके बाद इन लोगों ने फिर रास्ता काट लिया। अब बिजली विभाग खंभे लगा रहा है। रास्ता काटने वाले लोग कह रहे है कि जैसे अब रास्ता है उसके किनारे ही खंभे लगाए जाएं। पत्र में मांग की गई कि पैमाइश कराकर रास्ता छोड़कर खंभे लगवाए जाएं। पत्र पर महेंद्र सिंह, अशोक, जयविंद्र, शनि, कृष्णपाल सिंह, इंतजार, समर सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह आदि के नाम हैं।
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गांव सदरपुर के ग्रामीणों ने पत्र में कहा है कि सदरपुर से एक लिंक रोड महमूदपुर सिखेड़ा को जाती है। कई बार इस रोड की पैमाइश कराकर मिट्टी का कार्य भी हुआ। सन 1984 में तत्कालीन एसडीएम संतोष कुमार द्विवेदी ने पैमाइश कराने के बाद प्रधान से मिट्टी का काम कराया और 22 फीट चौड़ा रास्ता बनवाया था। आरोप है कि दो किसानों ने धीरे-धीरे रास्ता काट लिया। सन 2003 में पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने अपनी निधि से 22 फीट चौड़ी सड़क तैयार कराई थी। इसके बाद इन लोगों ने फिर रास्ता काट लिया। अब बिजली विभाग खंभे लगा रहा है। रास्ता काटने वाले लोग कह रहे है कि जैसे अब रास्ता है उसके किनारे ही खंभे लगाए जाएं। पत्र में मांग की गई कि पैमाइश कराकर रास्ता छोड़कर खंभे लगवाए जाएं। पत्र पर महेंद्र सिंह, अशोक, जयविंद्र, शनि, कृष्णपाल सिंह, इंतजार, समर सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह आदि के नाम हैं।
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