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सामाजिक ताना बाना के बीच हिंदुत्व होगा मुख्य एजेंडा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 10 Dec 2017 08:57 PM IST
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जागृति विहार में आयोजित स्वयंसेवक समागम राष्ट्रोदय में 183 फीट का तिरंगा।
- फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश जहां सांप्रदायिक के बीच जातीय बंटवारा भी अहम बना है। वहां इस दिशा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने सधी हुई सोच के साथ कदम बढ़ा दिए हैं। 25 फरवरी को होने वाले ‘राष्ट्रोदय’ के जरिए पश्चिम के ढाई लाख स्वयंसेवकों को संघ परिवार जातीय खाई को पाटते हुए पूरी तरह हिंदुत्व के मुद्दे पर काम करेगा। यह संदेश रविवार को भूमि पूजन में आए संघ के दूसरे नंबर के नेता सर कार्यवाह सुरेश भैया जोशी के संबोधन से साफ हो गया।
सुरेश भैया जोशी ने अपना संबोधन ही हिंदुत्व के आह्वान से शुरू किया। कहा कि हम हिंदू है और इस पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज के जातियों में बंटने का विरोध करते हुए कहा कि हम बंटे हुए हैं तभी डरे हुए हैं। बड़ी जाति, छोटी जाति इससे बाहर आना होगा और हिंदू बनकर काम करना होगा। मतलब साफ है कि संघ अब पूरी तरह हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करने के लिए अपना मन बना चुका है। सुरेश भैया जोशी ने गौरक्षा पर भी संघ के एजेंडे को स्पष्ट कर दिया कि गौरक्षा पर यदि काई दूसरा धर्म आपत्ति करता है, तो उसकी अब परवाह नहीं की जाएगी। हिंदुत्व के साथ गौरक्षा जैसा संवेदनशील मुद्दा भी अब खुलकर सामने होगा।
संघ के सरकार्यवाह ने सत्ता को सिर्फ सुविधाएं देने और परिवर्तन न करने की बात कहकर स्पष्ट कर दिया कि परिवर्तन समाज को खुद करना है। कन्या भ्रूण हत्या, नशा मुक्ति, पर्यावरण, स्वच्छता आदि बिंदु ऐसे हैं जहां किसी कानून के बनाने या सत्ता के द्वारा परिवर्तन नहीं हो सकता है। बल्कि समाज को खुद बदलना होगा।
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अब लगेंगी शाखाएं और ढाई लाख स्वयंसेवक देंगे संदेश
संघ परिवार की सोच के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ की आबादी करीब चार करोड़ है। जिसमें करीब 60 प्रतिशत हिंदू निवास करता है। 25 फरवरी को होने वाले राष्ट्रोदय कार्यक्रम में इन्हीं मंडलों से ढाई लाख कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और सर संघ चालक मोहनराव भागवत का संदेश लेकर आगामी योजना को लेकर मैदान में उतरेंगे।
2019 है अप्रत्यक्ष टारगेट
भले ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अराजनीतिक संगठन हो। लेकिन उसकी मुख्य शाखा में भारतीय जनता पार्टी भी आती है। संघ से निकले हुए नेता ही भाजपा में मुख्य रूप से कमान संभाल रहे हैं और भाजपा की भूमि को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि 2014 के बाद भले ही 2017 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा फतह की हो। लेकिन हालात इस बार बदले हुए हैं। ऐसे में अप्रत्यक्ष रुप से इस राष्ट्रोदय के माध्यम से 2019 के लक्ष्य को भी देखा जा रहा है।
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सुरेश भैया जोशी ने अपना संबोधन ही हिंदुत्व के आह्वान से शुरू किया। कहा कि हम हिंदू है और इस पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज के जातियों में बंटने का विरोध करते हुए कहा कि हम बंटे हुए हैं तभी डरे हुए हैं। बड़ी जाति, छोटी जाति इससे बाहर आना होगा और हिंदू बनकर काम करना होगा। मतलब साफ है कि संघ अब पूरी तरह हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करने के लिए अपना मन बना चुका है। सुरेश भैया जोशी ने गौरक्षा पर भी संघ के एजेंडे को स्पष्ट कर दिया कि गौरक्षा पर यदि काई दूसरा धर्म आपत्ति करता है, तो उसकी अब परवाह नहीं की जाएगी। हिंदुत्व के साथ गौरक्षा जैसा संवेदनशील मुद्दा भी अब खुलकर सामने होगा।
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संघ के सरकार्यवाह ने सत्ता को सिर्फ सुविधाएं देने और परिवर्तन न करने की बात कहकर स्पष्ट कर दिया कि परिवर्तन समाज को खुद करना है। कन्या भ्रूण हत्या, नशा मुक्ति, पर्यावरण, स्वच्छता आदि बिंदु ऐसे हैं जहां किसी कानून के बनाने या सत्ता के द्वारा परिवर्तन नहीं हो सकता है। बल्कि समाज को खुद बदलना होगा।
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अब लगेंगी शाखाएं और ढाई लाख स्वयंसेवक देंगे संदेश
संघ परिवार की सोच के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ की आबादी करीब चार करोड़ है। जिसमें करीब 60 प्रतिशत हिंदू निवास करता है। 25 फरवरी को होने वाले राष्ट्रोदय कार्यक्रम में इन्हीं मंडलों से ढाई लाख कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और सर संघ चालक मोहनराव भागवत का संदेश लेकर आगामी योजना को लेकर मैदान में उतरेंगे।
2019 है अप्रत्यक्ष टारगेट
भले ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अराजनीतिक संगठन हो। लेकिन उसकी मुख्य शाखा में भारतीय जनता पार्टी भी आती है। संघ से निकले हुए नेता ही भाजपा में मुख्य रूप से कमान संभाल रहे हैं और भाजपा की भूमि को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि 2014 के बाद भले ही 2017 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा फतह की हो। लेकिन हालात इस बार बदले हुए हैं। ऐसे में अप्रत्यक्ष रुप से इस राष्ट्रोदय के माध्यम से 2019 के लक्ष्य को भी देखा जा रहा है।