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हिंदुओं को धर्म के लिए लड़ना है तो हथियार उठाना जरूरी : यति नरसिंहानंद
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मेरठ। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी मंगलवार को मेरठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पुलिस अधिकारी हिंदू कार्यकर्ताओं का अपमान कर रहे हैं। ऐसी स्थिति रही तो बहुत जल्दी कोई भी योगी समर्थक उत्तर प्रदेश में नहीं रह जाएगा। सब यहां से दूसरे प्रदेशों में चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं को हथियार उठाने का समय आ गया है। उन्होंने योगी सरकार से सचिन सिरोही को जेल भेजने के मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी।
दरअसल, कुछ दिन पहले कैंट रेलवे स्टेशन पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और उनके कार्यकर्ता संजय सभरवाल ने मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इस मामले में सदर बाजार पुलिस ने सचिन सिरोही और संजय सभरवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद सचिन सिरोही और संजय सभरवाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंक दिया था। इस मामले में सचिन सिरोही और संजय सभरवाल को पुलिस ने जेल भेजा था।
सचिन सिरोही की जमानत होने के बाद यति नरसिंहानंद मंगलवार को मेरठ उनके मानसरोवर स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने सचिन सिरोही की असंवैधानिक गिरफ्तारी पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि पहली बार किसी को अवैध मस्जिद का अहिंसात्मक विरोध करने और किसी नेता का पुतला फूंकने पर इस तरह जेल जाते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गलत मानसिकता के साथ काम कर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसे में योगी सरकार को बदनाम करने की भी अधिकारी साजिश रच रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि अब हिन्दुओं को हथियार उठाने का समय आ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सचिन सिरोही के प्रकरण में जांच की मांग भी की है। इस दौरान यति अभयानंद गिरी, पंडित बालकिशन राय, दिवेश वर्मा, रिंकल चाहन सिंह, डॉ. योगेंद्र योगी आदि मौजूद रहे।
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दरअसल, कुछ दिन पहले कैंट रेलवे स्टेशन पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और उनके कार्यकर्ता संजय सभरवाल ने मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इस मामले में सदर बाजार पुलिस ने सचिन सिरोही और संजय सभरवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद सचिन सिरोही और संजय सभरवाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंक दिया था। इस मामले में सचिन सिरोही और संजय सभरवाल को पुलिस ने जेल भेजा था।
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सचिन सिरोही की जमानत होने के बाद यति नरसिंहानंद मंगलवार को मेरठ उनके मानसरोवर स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने सचिन सिरोही की असंवैधानिक गिरफ्तारी पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि पहली बार किसी को अवैध मस्जिद का अहिंसात्मक विरोध करने और किसी नेता का पुतला फूंकने पर इस तरह जेल जाते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गलत मानसिकता के साथ काम कर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसे में योगी सरकार को बदनाम करने की भी अधिकारी साजिश रच रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि अब हिन्दुओं को हथियार उठाने का समय आ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सचिन सिरोही के प्रकरण में जांच की मांग भी की है। इस दौरान यति अभयानंद गिरी, पंडित बालकिशन राय, दिवेश वर्मा, रिंकल चाहन सिंह, डॉ. योगेंद्र योगी आदि मौजूद रहे।
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