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Meerut News: गंगा में गिरी हाईटेंशन विद्युत लाइन, पांच गांवों की आपूर्ति ठप
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हस्तिनापुर। पिछले एक महीने से बस्तौरा गांव के समीप गंगा का जल स्तर कम होने के बावजूद कटान जारी है। सोमवार की सुबह गांव के जंगल से जा रही बिजली की हाईटेंशन लाइन गंगा में समा गई। इससे करीब पांच गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
बरसात के मौसम में गंगा नदी खादर क्षेत्र के लोगों के लिए तबाही का पैगाम लेकर आती है। इस बार गनीमत रही कि बारिश कम होने से गंगा में बाढ़ नहीं आई, परंतु गंगा के कटान ने लोगों को खासा प्रभावित किया है। किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि गंगा में समा गई। अब बस्तौरा गांव के समीप सोमवार को गंगा नदी के कटान ने जंगल से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का खंभा गंगा में समा गया। इससे पांच गांवों में बस्तौरा नारंग, पहाड़पुर, मखदूमपुर, किशोरपुर, मामेपुर आदि गांवों को सप्लाई देने वाली लाइन का एक खंभा गंगा में समा गया।
ग्रामीण राजू चौहान ने बताया कि किनारे स्थित तीन खंभे रात के समय गंगा में समा सकते हैं। विद्युत लाइन गंगा में डूबी हुई है। सूचना विद्युत विभाग के अधिकारियों को दी गई तो एसडीओ श्रीप्रकाश, हस्तिनापुर विद्युत उपखंड केंद्र के अवर अभियंता विजेंद्र कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया।
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एसडीओ श्रीप्रकाश ने कहा कि गांव में विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए अतिरिक्त लाइन खींची जाएगी। इसके लिए अगले दो-तीन दिन का समय लगेगा। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। पुरानी लाइन गंगा के कटान के कारण प्रभावित हो गई है, जहां पर विद्युत आपूर्ति सुचारू करना संभव नहीं है।
हस्तिनापुर विद्युत उपखंड केंद्र के अवर अभियंता बिजेंद्र का कहना है विद्युत आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त लाइन का विकल्प विद्युत विभाग के अधिकारियों को बताया गया है।
सुबह सात बजे से बंद है विद्युत आपूर्ति
सोमवार सुबह से खादर क्षेत्र के गंगा किनारे बसे इन पांच गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार्ज न हाे पाने के कारण मोबाइल व इन्वर्टर की बैटरी भी पूरी तरह जवाब दे गई है। विद्युत आपूर्ति तब होने से सौर ऊर्जा ही अब मात्र उनके लिए विकल्प है।
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बरसात के मौसम में गंगा नदी खादर क्षेत्र के लोगों के लिए तबाही का पैगाम लेकर आती है। इस बार गनीमत रही कि बारिश कम होने से गंगा में बाढ़ नहीं आई, परंतु गंगा के कटान ने लोगों को खासा प्रभावित किया है। किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि गंगा में समा गई। अब बस्तौरा गांव के समीप सोमवार को गंगा नदी के कटान ने जंगल से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का खंभा गंगा में समा गया। इससे पांच गांवों में बस्तौरा नारंग, पहाड़पुर, मखदूमपुर, किशोरपुर, मामेपुर आदि गांवों को सप्लाई देने वाली लाइन का एक खंभा गंगा में समा गया।
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ग्रामीण राजू चौहान ने बताया कि किनारे स्थित तीन खंभे रात के समय गंगा में समा सकते हैं। विद्युत लाइन गंगा में डूबी हुई है। सूचना विद्युत विभाग के अधिकारियों को दी गई तो एसडीओ श्रीप्रकाश, हस्तिनापुर विद्युत उपखंड केंद्र के अवर अभियंता विजेंद्र कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया।
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एसडीओ श्रीप्रकाश ने कहा कि गांव में विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए अतिरिक्त लाइन खींची जाएगी। इसके लिए अगले दो-तीन दिन का समय लगेगा। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। पुरानी लाइन गंगा के कटान के कारण प्रभावित हो गई है, जहां पर विद्युत आपूर्ति सुचारू करना संभव नहीं है।
हस्तिनापुर विद्युत उपखंड केंद्र के अवर अभियंता बिजेंद्र का कहना है विद्युत आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त लाइन का विकल्प विद्युत विभाग के अधिकारियों को बताया गया है।
सुबह सात बजे से बंद है विद्युत आपूर्ति
सोमवार सुबह से खादर क्षेत्र के गंगा किनारे बसे इन पांच गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार्ज न हाे पाने के कारण मोबाइल व इन्वर्टर की बैटरी भी पूरी तरह जवाब दे गई है। विद्युत आपूर्ति तब होने से सौर ऊर्जा ही अब मात्र उनके लिए विकल्प है।