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हाईकोर्ट ने मंडपों का पक्ष सुनने से किया इंकार

Thu, 22 Aug 2019 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 02:15 AM IST
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मेरठ।
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शहर में लगने वाले जाम के लिए याचिकाकर्ता सचिन सैनी की जनहित याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने मंडप संचालकों का पक्ष सुनने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने मंडप संचालकों से कहा कि आप ऐसे पार्टी नहीं बन सकते। जनहित याचिका में विवाह मंडपों को शहर में लगने वाले जाम का जिम्मेदार बताया गया था। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मंडप संचालकों को नोटिस जारी करने और कार्रवाई करने के आदेश एमडीए को दिए थे। एमडीए ने शहर के 163 मंडप संचालकों को नोटिस जारी किए थे।
बुधवार को हाईकोर्ट में एमडीए 163 मंडपों की सूची के साथ मौजूद रहा। हालांकि, हाईकोर्ट ने फैसले के लिए अगली सुनवाई की तिथि 6 सितंबर तय कर दी। वहीं, मंडप एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद गुप्ता मारवाड़ी ने बताया कि हमने अपना पक्ष रखने के लिए हाईकोर्ट से निवेदन किया। लेकिन हमारे इस निवेदन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हम भी इस मामले में कोर्ट जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंडप संचालक शहर में लगने वाले जाम के लिए गंभीर हैं। हालांकि, फाइनल ऑर्डर कॉपी बृहस्पतिवार तक अपलोड होगी। अभी इस मामले में एमडीए अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
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बस अड्डे की टली सुनवाई
भैंसाली बस अड्डे को शहर से बाहर करने को लेकर होने वाली सुनवाई बुधवार को टल गई। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना की तरफ से शहर में लगने वाले जाम का एक कारण यह बस अड्डा भी है। इसकी सुनवाई के लिए अब 28 अगस्त तय की गई है।
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