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Meerut News: यहां बारिश छीन लेती है गांवों की रोशनी
Fri, 19 Jul 2024 03:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 19 Jul 2024 03:39 AM IST
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भागूवाला बिजली घर के उपकरणो को बारिश के पानी से बचाने के लिए डाली गई पन्नी।
बिजनौर, भागूवाला। विद्युत निगम का भागूवाला बिजलीघर बदहाल है। बारिश होने पर बिजलीघर की छत टपकने लगती है। विद्युत निगम की ओर से बिजलीघर में लगे उपकरण और मशीनों के ऊपर पन्नी डालकर उन्हें बारिश के पानी से बचाया जा रहा है।
भागूवाला बिजलीघर के भागूवाला, जटपुरा, जालपुर और राजगढ़ फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के दर्जनों गांव को बिजली की आपूर्ति की जाती है। कई सालों से बिजलीघर जर्जर अवस्था में हैं। बारिश होने पर बिजलीघर परिसर में दो से तीन फीट पानी भर जाता है। साथ ही बिजलीघर की छत भी टपकने लगती है। लगातार बारिश होने पर बिजली घर से विद्युत सप्लाई बंद कर दी जाती है और बिजलीघर में लगे उपकरणों को पन्नी से ढक दिया जाता है।
बरसात में कई दिन तक बारिश होने पर भागूवाला बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण विद्युत कटौती को लेकर कई बार बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।
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- बिजलीघर के प्रवेश द्वार पर कराई थी दीवार
बारिश में बिजलीघर परिसर में जलमग्न हो जाता है। जलभराव का पानी बिजलीघर भवन में न घुस सके इसके लिए विद्युत निगम ने प्रवेश द्वार के बाहर करीब दो फीट दीवार कराई थी। इसके बावजूद बारिश में छत से पानी टपकने के कारण भवन के भीतर जलभराव हो जाता है।
- बिजलीघर के भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, जिसे शासन से अनुमति मिल गई है। बरसात के बाद टेंडर प्रक्रिया होने के बाद ही भवन निर्माण संभव है। - नितिन कुमार, जेई, भागूवाला बिजली घर।
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भागूवाला बिजलीघर के भागूवाला, जटपुरा, जालपुर और राजगढ़ फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के दर्जनों गांव को बिजली की आपूर्ति की जाती है। कई सालों से बिजलीघर जर्जर अवस्था में हैं। बारिश होने पर बिजलीघर परिसर में दो से तीन फीट पानी भर जाता है। साथ ही बिजलीघर की छत भी टपकने लगती है। लगातार बारिश होने पर बिजली घर से विद्युत सप्लाई बंद कर दी जाती है और बिजलीघर में लगे उपकरणों को पन्नी से ढक दिया जाता है।
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बरसात में कई दिन तक बारिश होने पर भागूवाला बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण विद्युत कटौती को लेकर कई बार बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।
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- बिजलीघर के प्रवेश द्वार पर कराई थी दीवार
बारिश में बिजलीघर परिसर में जलमग्न हो जाता है। जलभराव का पानी बिजलीघर भवन में न घुस सके इसके लिए विद्युत निगम ने प्रवेश द्वार के बाहर करीब दो फीट दीवार कराई थी। इसके बावजूद बारिश में छत से पानी टपकने के कारण भवन के भीतर जलभराव हो जाता है।
- बिजलीघर के भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, जिसे शासन से अनुमति मिल गई है। बरसात के बाद टेंडर प्रक्रिया होने के बाद ही भवन निर्माण संभव है। - नितिन कुमार, जेई, भागूवाला बिजली घर।