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विश्व हेपेटाइटिस दिवस : हेपेटाइटिस गंभीर बीमारी...घबराएं नहीं, इलाज से दें मात
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- मेडिकल कॉलेज में 12,249 मरीज हुए स्वस्थ, निशुल्क इलाज उपलब्ध
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। खानपान में लापरवाही और बिगड़ती दिनचर्या का असर सेहत पर पड़ रहा है। ऐसी जीवनशैली के कारण ही हेपेटाइटिस की बीमारी होती है। यह गंभीर बीमारी है लेकिन समय से जांच, परहेज और इलाज से इसे मात दी जा सकती है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस का उपचार निशुल्क हो रहा है। मेडिकल में ही हेपेटाइटिस-सी के अब तक 30,000 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 16,965 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। इनमें 12,249 मरीज सफलतापूर्वक इलाज पूरा करा चुके हैं।
आज हेपेटाइटिस दिवस है। यह दिन बीमारी से बचाव को जागरूक करने के लिए भी है। मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सेंटर में हेपेटाइटिस-ए, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी एवं हेपेटाइटिस-ई की स्क्रीनिंग एवं जांच की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट हेपेटाइटिस के लिए पॉजिटिव आती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मरीजों को ओपीडी में आकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। आवश्यक जांच करानी चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार शीघ्र इलाज शुरू करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों का उपचार भी सेंटर में शुरू किया गया है। अब तक 2,476 हेपेटाइटिस-बी मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 1,680 मरीजों का उपचार जारी है।
निशुल्क दवाएं उपलब्ध
मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर की हेपेटाइटिस ओपीडी में उपचार के लिए आवश्यक दवाएं निशुल्क मिलती हैं। इनमें सोफोसबुविर, डैक्लाटासविर, वेलपाटासविर और टेनोफोविर जैसी औषधियां शामिल हैं। नोडल अधिकारी ने अपील की है समय पर जांच कराएं और नियमित रूप से उपचार पूरा करें।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। खानपान में लापरवाही और बिगड़ती दिनचर्या का असर सेहत पर पड़ रहा है। ऐसी जीवनशैली के कारण ही हेपेटाइटिस की बीमारी होती है। यह गंभीर बीमारी है लेकिन समय से जांच, परहेज और इलाज से इसे मात दी जा सकती है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस का उपचार निशुल्क हो रहा है। मेडिकल में ही हेपेटाइटिस-सी के अब तक 30,000 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 16,965 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। इनमें 12,249 मरीज सफलतापूर्वक इलाज पूरा करा चुके हैं।
आज हेपेटाइटिस दिवस है। यह दिन बीमारी से बचाव को जागरूक करने के लिए भी है। मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सेंटर में हेपेटाइटिस-ए, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी एवं हेपेटाइटिस-ई की स्क्रीनिंग एवं जांच की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट हेपेटाइटिस के लिए पॉजिटिव आती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मरीजों को ओपीडी में आकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। आवश्यक जांच करानी चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार शीघ्र इलाज शुरू करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों का उपचार भी सेंटर में शुरू किया गया है। अब तक 2,476 हेपेटाइटिस-बी मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 1,680 मरीजों का उपचार जारी है।
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निशुल्क दवाएं उपलब्ध
मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर की हेपेटाइटिस ओपीडी में उपचार के लिए आवश्यक दवाएं निशुल्क मिलती हैं। इनमें सोफोसबुविर, डैक्लाटासविर, वेलपाटासविर और टेनोफोविर जैसी औषधियां शामिल हैं। नोडल अधिकारी ने अपील की है समय पर जांच कराएं और नियमित रूप से उपचार पूरा करें।
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