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Meerut News: गंगनहर पटरी पर दौड़ रहे भारी वाहन, हादसों का खतरा बढ़ा
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खतौली। गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर लगे हाइटगेज टूटने से मार्ग पर भारी वाहन दौड़ने लगे हैं। जिस कारण इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ गया है।
मेरठ के सिवाया में टोल बचाने को लेकर दिल्ली-हरिद्वार की ओर आवागमन करने वाले भारी वाहनों का गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर दबाव बढ़ गया है। पटरी मार्ग पर बनी वनवे सड़क पर दो बड़े वाहन आपस में बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं। इन वाहनों को रोकने के लिए मार्ग पर कई स्थानों पर हाइटगेज लगाए गए थे, मगर हाइटगेज भी तोड़ दिए गए हैं। इससे भारी वाहन इस मार्ग पर फर्राटा भरने लगे हैं और मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है।
करीब एक वर्ष पूर्व गांव पाल निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों की रेलवे पुल के निकट मौत हो गई थी। गांव दूधली के सामने गांव सलावा निवासी पिता-पुत्र की ट्रक से कुचले जाने से मौत हो गई थी।
बेरिकेडिंग लगनी जरूरी
गंगनहर कांवड़ पटरी को जीटी रोड, बुढ़ाना रोड क्रॉस करते हैं। इन प्वाइंट पर अधिकतर हादसे होते हैं। यहां बेरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। वाहन सवार जल्दबाजी में हादसे का शिकार हो जाते हैं। पांच दिन पूर्व गंगनहर पुल पर बेरिकेडिंग लगाया जाना जरूरी है।
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खेतों में जाने में लगता है डर
ग्रामीण प्रवीण कुमार, सुनील कुमार, सचिन आर्य गांव भैंसी के प्रधान अमित आदि का कहना है कि गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग से होते हुए किसान अपने खेतों पर जाते हैं। पटरी मार्ग पर बढ़ रहे वाहनों के दबाव के कारण उनको खेतों पर जाते समय डर लगने लगा है। कांवड़ पटरी मार्ग पर हाइटगेज लगने चाहिए, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो सके।
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मेरठ के सिवाया में टोल बचाने को लेकर दिल्ली-हरिद्वार की ओर आवागमन करने वाले भारी वाहनों का गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर दबाव बढ़ गया है। पटरी मार्ग पर बनी वनवे सड़क पर दो बड़े वाहन आपस में बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं। इन वाहनों को रोकने के लिए मार्ग पर कई स्थानों पर हाइटगेज लगाए गए थे, मगर हाइटगेज भी तोड़ दिए गए हैं। इससे भारी वाहन इस मार्ग पर फर्राटा भरने लगे हैं और मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है।
करीब एक वर्ष पूर्व गांव पाल निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों की रेलवे पुल के निकट मौत हो गई थी। गांव दूधली के सामने गांव सलावा निवासी पिता-पुत्र की ट्रक से कुचले जाने से मौत हो गई थी।
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बेरिकेडिंग लगनी जरूरी
गंगनहर कांवड़ पटरी को जीटी रोड, बुढ़ाना रोड क्रॉस करते हैं। इन प्वाइंट पर अधिकतर हादसे होते हैं। यहां बेरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। वाहन सवार जल्दबाजी में हादसे का शिकार हो जाते हैं। पांच दिन पूर्व गंगनहर पुल पर बेरिकेडिंग लगाया जाना जरूरी है।
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खेतों में जाने में लगता है डर
ग्रामीण प्रवीण कुमार, सुनील कुमार, सचिन आर्य गांव भैंसी के प्रधान अमित आदि का कहना है कि गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग से होते हुए किसान अपने खेतों पर जाते हैं। पटरी मार्ग पर बढ़ रहे वाहनों के दबाव के कारण उनको खेतों पर जाते समय डर लगने लगा है। कांवड़ पटरी मार्ग पर हाइटगेज लगने चाहिए, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो सके।