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Meerut News: जमकर बरसे बदरा... गर्मी से मिली राहत, धान की फसल पर आफत
Wed, 08 Oct 2025 02:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 08 Oct 2025 02:56 AM IST
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मोदीपुरम - बारिश के साथ चली तेज हवा के कारण गिरी धान की फसल।
मोदीपुरम। दो दिन से हो रही बारिश के चलते मंगलवार को भी मौसम बदला हुआ नजर आया। सुबह और शाम के समय झमाझम बारिश हुई। दिनभर आसमान पर काले बादल मंडराते रहे। दिन- रात के तापमान में गिरावट होने से गर्मी से राहत मिली। लोगों को हल्की ठंड का अहसास भी हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने अभी दो दिन मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना जताई है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में दो दिन से तेज हवा के साथ हो रही बारिश से मौसम बदला बदला दिखाई दे रहा है। आसमान पर बादल है और सुबह के समय झमाझम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम में नमी बढ़ने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिस कारण गुलाबी ठंड का अहसास हुआ। अक्टूबर महीने में हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हो रहा है। इस समय धान की फसल पककर तैयार है लेकिन बारिश से फसल में नुकसान की संभावना बनी है। इसने किसानों को परेशान कर दिया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी दो दिन तक मौसम ऐसे ही रहेगा। बारिश के साथ हवा भी तेज रहेगी। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश ने फिर से दस्तक दी है।
प्रदूषण का स्तर भी हुआ कम
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 15.4 मिमी. दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी घटकर 65 पर पहुंच गया है। गंगानगर में 77, जयभीम नगर में 65, पल्लवपुरम में 53, बेगमपुल 58, दिल्ली रोड 69 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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5 से 10 प्रतिशत धान को नुकसान
मोदीपुरम। अक्तूबर माह में बारिश होने से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की संभावना है। हालांकि, अभी 5 से 10 प्रतिशत नुकसान होने का कृषि वैज्ञानिक आशंका जता रहें हैं। लेकिन, दो चार दिन यदि बारिश का सिलसिला चलता रहा तो नुकसान ज्यादा होने की संभावना बढ़ जाएगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि बारिश के साथ चली तेज हवा ने नुकसान पहुंचाया है। हवा के चलने से फसल गिर गई है।
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पश्चिम उत्तर प्रदेश में दो दिन से तेज हवा के साथ हो रही बारिश से मौसम बदला बदला दिखाई दे रहा है। आसमान पर बादल है और सुबह के समय झमाझम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम में नमी बढ़ने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिस कारण गुलाबी ठंड का अहसास हुआ। अक्टूबर महीने में हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हो रहा है। इस समय धान की फसल पककर तैयार है लेकिन बारिश से फसल में नुकसान की संभावना बनी है। इसने किसानों को परेशान कर दिया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी दो दिन तक मौसम ऐसे ही रहेगा। बारिश के साथ हवा भी तेज रहेगी। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश ने फिर से दस्तक दी है।
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प्रदूषण का स्तर भी हुआ कम
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 15.4 मिमी. दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी घटकर 65 पर पहुंच गया है। गंगानगर में 77, जयभीम नगर में 65, पल्लवपुरम में 53, बेगमपुल 58, दिल्ली रोड 69 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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5 से 10 प्रतिशत धान को नुकसान
मोदीपुरम। अक्तूबर माह में बारिश होने से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की संभावना है। हालांकि, अभी 5 से 10 प्रतिशत नुकसान होने का कृषि वैज्ञानिक आशंका जता रहें हैं। लेकिन, दो चार दिन यदि बारिश का सिलसिला चलता रहा तो नुकसान ज्यादा होने की संभावना बढ़ जाएगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि बारिश के साथ चली तेज हवा ने नुकसान पहुंचाया है। हवा के चलने से फसल गिर गई है।

मोदीपुरम - बारिश के साथ चली तेज हवा के कारण गिरी धान की फसल।

मोदीपुरम - बारिश के साथ चली तेज हवा के कारण गिरी धान की फसल।