फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   health

Meerut News: कोई तो इन कुत्तों से बचाए... हर रोज़ 142 को काट रहे

Thu, 29 Feb 2024 06:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 06:36 PM IST
विज्ञापन
health
कोई तो इन कुत्तों से बचाए... हर रोज़ 142 को काट रहे
विज्ञापन


- बृहस्पतिवार को टूटे सारे रिकॉर्ड, जिला अस्पताल में 264 ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन

- पिछले साल 51, 805 लोगों को बनाया निशाना

फोटो

अरीश रिज़वी
मेरठ।
बेगमबाग में बृहस्पतिवार को कुत्ते ने मोहन कुमार के पैर में काट लिया। गहरा ज़ख्म हो गया। मोहन का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण महानगर की जनता कुत्तों के आतंक से परेशान है। शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।
कुत्तों का निशाना बने मोहन अकेले नहीं हैं। पिछले साल 12 माह में 51,805 लोगों को कुत्तों ने काटा था। यानी जिले में हर रोज़ औसतन 142 लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। ये तो वे आंकड़े हैं, जो जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन या इंजेक्शन लगवाने के लिए आए हैं। निजी अस्पतालों और बिना इंजेक्शन लगवाने वालों के आंकड़े नहीं हैं, अगर वो भी जोड़ लिए जाएं तो यह संख्या और ज़्यादा होगी। बृहस्पतिवार को तो जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों के सारे रिकॉर्ड टूट गए। 264 लोगों ने इंजेक्शन लगवाए, जबकि सामान्य तौर पर सवा सौ से डेढ़ सौ लोग हर रोज़ यहां आते हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज़ एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के लिए आते हैं। वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

====
एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की माहवार स्थिति

जनवरी 5295
फरवरी 5169
मार्च 5409
अप्रैल 4982
मई 4759
जून 4722
जुलाई 4171
अगस्त 4265
सितंबर 3753
अक्तूबर 3629
नवंबर 2776
दिसंबर 2930
(आंकड़े साल 2023 के हैं।)


यह है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।

रेबीज के लक्षण
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है।

रेबीज का उपचार
रेबीज रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे बचाव हो सकता है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवा 28 दिन के बाद लगाया जाता है।


पुराने टोटके अपनाने से बचें
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि अगर कुत्ता काट ले तो पुराने टोटके अपनाने से परहेज करना चाहिए। कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगा लेने का प्रचलन अब भी है, लेकिन ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed