{"_id":"58cd82794f1c1b285a32bcd8","slug":"health-department-will-increase-the-date","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग को बढ़ानी पड़ी आपत्ति की तिथि ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग को बढ़ानी पड़ी आपत्ति की तिथि
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई सरकार के गठन से पहले स्वास्थ्य विभाग में व्यापक पैमाने पर नियुक्तियों से जुड़ी फाइलों को निपटाने की कवायद की जा रही है। इसी कवायद के बीच नियमों को ठिकाने लगाया जा रहा है। ऐसी की एक कवायद पर अमर उजाला द्वारा खबर प्रकाशित के बाद स्वास्थ्य विभाग को संशोधित विज्ञापन प्रकाशित कराना पड़ा है। मामला नेशनल हेल्थ मिशन में चिकित्सक, फार्मेसिस्ट से लेकर एएनएम तक पदों पर मांगी गई आपत्ति से जुड़ा है। जिस पर अब विभाग को आपत्ति दर्ज कराने की तिथि को बढ़ाकर 22 मार्च करना पड़ा है। उधर, कुछ अन्य प्रोग्राम के लिए होने वाली नियुक्तियां भी विभाग रातोंरात करना चाहता है, जिसकी कवायद तेज कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियां बीते कुछ सालों में खासे घोटाले का केंद्र रही हैं। अब विभाग तेजी से नियुक्ति की फाइलों को बढ़ा रहा है जिसमें 12 मार्च को एक विज्ञापन प्रकाशित कर करीब 200 पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी से 15 मार्च की शाम 4 बजे तक आपत्ति मांगी गई। जबकि 12 मार्च को रविवार था और 13 मार्च को होली के चलते अवकाश था। ऐसे में 14 व 15 मार्च का समय आपत्ति दर्ज कराने के लिए दिया गया। जिससे साफ है कि आपत्ति दर्ज कराने के लिए महज 24 घंटे से भी कम का समय दिया गया। जबकि नियम कहता है कि किसी भी भर्ती से जुड़ी आपत्ति दर्ज कराने के लिए कम से कम सात कार्य दिवस का समय दिया जाना चाहिये। 15 मार्च को अमर उजाला ने ‘नियुक्तियों में घोटाले की सुगबुगाहट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को तिथि आगे बढ़ाने पड़ी है।
इलाज को छोड़ नियुक्तियों में लगा विभाग
सरकार के गठन के साथ ही तमाम विभागों में अहम पदों पर बैठे लोगों का स्थानांतरण होगा। जिसको लेकर तमाम विभागों के अधिकारी पहले से मान चुके हैं। लेकिन ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों का दौर शुरू हो गया है। हर कोई चाहता है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 की लटकी हुई नियुक्तियों को तत्काल करा लें। शामली, बिजनौर, मेरठ से लेकर तमाम जिले नियुक्तियों की फाइल खोले बैठे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियां बीते कुछ सालों में खासे घोटाले का केंद्र रही हैं। अब विभाग तेजी से नियुक्ति की फाइलों को बढ़ा रहा है जिसमें 12 मार्च को एक विज्ञापन प्रकाशित कर करीब 200 पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी से 15 मार्च की शाम 4 बजे तक आपत्ति मांगी गई। जबकि 12 मार्च को रविवार था और 13 मार्च को होली के चलते अवकाश था। ऐसे में 14 व 15 मार्च का समय आपत्ति दर्ज कराने के लिए दिया गया। जिससे साफ है कि आपत्ति दर्ज कराने के लिए महज 24 घंटे से भी कम का समय दिया गया। जबकि नियम कहता है कि किसी भी भर्ती से जुड़ी आपत्ति दर्ज कराने के लिए कम से कम सात कार्य दिवस का समय दिया जाना चाहिये। 15 मार्च को अमर उजाला ने ‘नियुक्तियों में घोटाले की सुगबुगाहट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को तिथि आगे बढ़ाने पड़ी है।
विज्ञापन
इलाज को छोड़ नियुक्तियों में लगा विभाग
सरकार के गठन के साथ ही तमाम विभागों में अहम पदों पर बैठे लोगों का स्थानांतरण होगा। जिसको लेकर तमाम विभागों के अधिकारी पहले से मान चुके हैं। लेकिन ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों का दौर शुरू हो गया है। हर कोई चाहता है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 की लटकी हुई नियुक्तियों को तत्काल करा लें। शामली, बिजनौर, मेरठ से लेकर तमाम जिले नियुक्तियों की फाइल खोले बैठे हैं।
विज्ञापन