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Meerut News: वेदों के अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया
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- आर्य समाज शास्त्रीनगर में हुआ साप्ताहिक सत्संग का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज शास्त्रीनगर में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह यज्ञ से हुआ। संचालन आर्य समाज के पुरोहित डॉ. इंद्रदेव शास्त्री ने किया। यज्ञ के यजमान गौरव गुप्ता एवं तनु गुप्ता रहे। कार्यक्रम में वेदों के अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया गया।
यज्ञ के बाद डॉ. इंद्रदेव शास्त्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती रचित सत्यार्थ प्रकाश के तृतीय समुल्लास का साप्ताहिक पाठ कराया। उन्होंने कहा कि वेदों का ज्ञान समस्त मानव जाति के लिए है। किसी को भी वेदों से दूर नहीं रखना चाहिए। इसके बाद भजनोपदेशिका सुलभा शास्त्री ने भजनों से भक्तिमय वातावरण बना दिया। सोमप्रकाश ने उन्हें संगत दी। उन्होंने इक बाग लगाया है, पिता परमेश्वर ने इसे खूब सजाया है...भजन प्रस्तुत कर ईश्वर की कृपा और प्रकृति के महत्व का वर्णन किया। इसके साथ ही देखा जब राजा दशरथ का विचलित सा व्यवहार...भजन के माध्यम से पुत्रेष्टि यज्ञ एवं राम जन्म की कथा का उल्लेख किया।
सुलभा शास्त्री ने सारे ब्रह्मांड का जीवन आधारा है, प्रभु तेरा ओम नाम सबका सहारा है...जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर यजमान दंपति को महर्षि दयानंद रचित संस्कार विधि ग्रंथ भेंट किया गया।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज शास्त्रीनगर में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह यज्ञ से हुआ। संचालन आर्य समाज के पुरोहित डॉ. इंद्रदेव शास्त्री ने किया। यज्ञ के यजमान गौरव गुप्ता एवं तनु गुप्ता रहे। कार्यक्रम में वेदों के अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया गया।
यज्ञ के बाद डॉ. इंद्रदेव शास्त्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती रचित सत्यार्थ प्रकाश के तृतीय समुल्लास का साप्ताहिक पाठ कराया। उन्होंने कहा कि वेदों का ज्ञान समस्त मानव जाति के लिए है। किसी को भी वेदों से दूर नहीं रखना चाहिए। इसके बाद भजनोपदेशिका सुलभा शास्त्री ने भजनों से भक्तिमय वातावरण बना दिया। सोमप्रकाश ने उन्हें संगत दी। उन्होंने इक बाग लगाया है, पिता परमेश्वर ने इसे खूब सजाया है...भजन प्रस्तुत कर ईश्वर की कृपा और प्रकृति के महत्व का वर्णन किया। इसके साथ ही देखा जब राजा दशरथ का विचलित सा व्यवहार...भजन के माध्यम से पुत्रेष्टि यज्ञ एवं राम जन्म की कथा का उल्लेख किया।
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सुलभा शास्त्री ने सारे ब्रह्मांड का जीवन आधारा है, प्रभु तेरा ओम नाम सबका सहारा है...जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर यजमान दंपति को महर्षि दयानंद रचित संस्कार विधि ग्रंथ भेंट किया गया।
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