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Meerut News: इंजीनियर्स डे पर विद्यार्थियों ने दिखाया तकनीकी हुनर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मंगलवार को इंजीनियर्स डे के अवसर पर तकनीकी ज्ञान, नवाचार और रचनात्मकता पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीटेक के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 42 टीमों के माध्यम से पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट कैंपस, डेटा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, सतत विकास, ऑटोमेशन और दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान से जुड़े मॉडल व विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में ‘कैंपस फिक्स’ परियोजना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में कीर्ति चौधरी, गुडविल, आशीष पॉल और आदित्य सिवाच शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन चेयरमैन बृजवीर सिंह और डायरेक्टर जनरल डॉ. योगेश भोमिया के मार्गदर्शन में हुआ। डायरेक्टर डॉ. विशाल कोहली ने अतिथियों का स्वागत किया।डॉ. योगेश भोमिया ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री या नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक और नए समाधान खोजने की सोच है।
विशेषज्ञ गौरव जैन ने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ रचनात्मक और तार्किक सोच भी जरूरी है। चिरंजीव लोचन ने डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। मनोवैज्ञानिक डॉ. दीपाली मोंगा ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के उपाय बताए। इस दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कॅरियर और तकनीकी विषयों पर सवाल पूछे। विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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मोदीपुरम। नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मंगलवार को इंजीनियर्स डे के अवसर पर तकनीकी ज्ञान, नवाचार और रचनात्मकता पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीटेक के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 42 टीमों के माध्यम से पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट कैंपस, डेटा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, सतत विकास, ऑटोमेशन और दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान से जुड़े मॉडल व विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में ‘कैंपस फिक्स’ परियोजना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में कीर्ति चौधरी, गुडविल, आशीष पॉल और आदित्य सिवाच शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन चेयरमैन बृजवीर सिंह और डायरेक्टर जनरल डॉ. योगेश भोमिया के मार्गदर्शन में हुआ। डायरेक्टर डॉ. विशाल कोहली ने अतिथियों का स्वागत किया।डॉ. योगेश भोमिया ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री या नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक और नए समाधान खोजने की सोच है।
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विशेषज्ञ गौरव जैन ने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ रचनात्मक और तार्किक सोच भी जरूरी है। चिरंजीव लोचन ने डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। मनोवैज्ञानिक डॉ. दीपाली मोंगा ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के उपाय बताए। इस दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कॅरियर और तकनीकी विषयों पर सवाल पूछे। विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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