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Meerut News: विकसित होगा हस्तिनापुर, नई परियोजनाएं होंगी तैयार
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हस्तिनापुर के मुख्य द्वार को भव्य बनाने के लिए पर्यटन को निर्देश देते कमिश्नर स्रोत संवाद
- पांडव नगरी का भ्रमण करने के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश
- एक सप्ताह में राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। पांडव नगरी हस्तिनापुर के दिन अब बदलने वाले हैं। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की इस नगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। सोमवार को कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने हस्तिनापुर पहुंचकर पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नई परियोजनाओं को तैयार कराने के निर्देश दिए। वहीं, राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए एक सप्ताह में भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
कमिश्नर ने कहा कि प्रवेश द्वार को भव्य और आकर्षक बनाया जाए ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को प्रथम दृष्टि में ही यह आभास हो जाए कि वह पांडवों की ऐतिहासिक नगरी में प्रवेश कर रहे हैं। आसपास अतिक्रमण पर नाराजगी जताते हुए इसे हटाने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह स्वयं समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे। इसके बाद कमिश्नर ने पर्यटन विभाग की ओर से सड़कों पर बनाए जा रहे स्तंभों का निरीक्षण किया और जंबूद्वीप तिराहे पर पहुंचकर विकास योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने मध्य गंगनहर तक आकर्षक लाइटिंग, जंबूद्वीप तक दोनों ओर भव्य पाथवे निर्माण, क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ाने के लिए नई योजनाएं तैयार करने के लिए कहा। कमिश्नर ने कहा कि हस्तिनापुर को प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिकता बताकर विकास कार्य कराने की बात कही गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। पर्यटन विभाग की ओर से हस्तिनापुर के विकास के लिए परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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अभी करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा स्तंभ निर्माण व अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए, ताकि गुणवत्ता बेहतर हो। कमिश्नर ने पांडव टीले का भी भ्रमण किया। पर्यटन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्राप्त प्राचीन अवशेष को भी देखा। पुरातत्व विभाग के कर्मचारी अरविंद राणा ने अब तक किए गए उत्खनन कार्यों और निकली ऐतिहासिक वस्तुओं के संबंध में बताया।
राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए ढूंढ़ें जमीन
कमिश्नर ने कहा कि हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय की जरूरत है। इसके लिए एसडीएम मवाना संतोष कुमार को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर ही राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए भूमि की तलाश करें। उन्होंने कहा कि पांडव टीले से प्राप्त प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखने के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हस्तिनापुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल पाएगी।
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- एक सप्ताह में राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। पांडव नगरी हस्तिनापुर के दिन अब बदलने वाले हैं। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की इस नगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। सोमवार को कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने हस्तिनापुर पहुंचकर पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नई परियोजनाओं को तैयार कराने के निर्देश दिए। वहीं, राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए एक सप्ताह में भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
कमिश्नर ने कहा कि प्रवेश द्वार को भव्य और आकर्षक बनाया जाए ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को प्रथम दृष्टि में ही यह आभास हो जाए कि वह पांडवों की ऐतिहासिक नगरी में प्रवेश कर रहे हैं। आसपास अतिक्रमण पर नाराजगी जताते हुए इसे हटाने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह स्वयं समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे। इसके बाद कमिश्नर ने पर्यटन विभाग की ओर से सड़कों पर बनाए जा रहे स्तंभों का निरीक्षण किया और जंबूद्वीप तिराहे पर पहुंचकर विकास योजनाओं की समीक्षा की।
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उन्होंने मध्य गंगनहर तक आकर्षक लाइटिंग, जंबूद्वीप तक दोनों ओर भव्य पाथवे निर्माण, क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ाने के लिए नई योजनाएं तैयार करने के लिए कहा। कमिश्नर ने कहा कि हस्तिनापुर को प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिकता बताकर विकास कार्य कराने की बात कही गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। पर्यटन विभाग की ओर से हस्तिनापुर के विकास के लिए परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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अभी करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा स्तंभ निर्माण व अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए, ताकि गुणवत्ता बेहतर हो। कमिश्नर ने पांडव टीले का भी भ्रमण किया। पर्यटन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्राप्त प्राचीन अवशेष को भी देखा। पुरातत्व विभाग के कर्मचारी अरविंद राणा ने अब तक किए गए उत्खनन कार्यों और निकली ऐतिहासिक वस्तुओं के संबंध में बताया।
राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए ढूंढ़ें जमीन
कमिश्नर ने कहा कि हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय की जरूरत है। इसके लिए एसडीएम मवाना संतोष कुमार को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर ही राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए भूमि की तलाश करें। उन्होंने कहा कि पांडव टीले से प्राप्त प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखने के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हस्तिनापुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल पाएगी।

हस्तिनापुर के मुख्य द्वार को भव्य बनाने के लिए पर्यटन को निर्देश देते कमिश्नर स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के मुख्य द्वार को भव्य बनाने के लिए पर्यटन को निर्देश देते कमिश्नर स्रोत संवाद