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प्रकृति को बचाने में अहम भूमिका निभा रहे पश्चिमी यूपी के घड़ियाल, पूर्वांचल तक कर रहे सैर

Mon, 05 Oct 2020 03:49 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 05 Oct 2020 03:49 PM IST
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Hastinapur News: Gharial of western UP are playing an important role in saving nature
घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के हस्तिनापुर सेंक्चुरी इलाके में अब गंगा किनारे घड़ियाल धूप सेंकते नजर आने लगे हैं। संरक्षण के चलते इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 11 साल में 788 घड़ियाल गंगा में छोड़े जा चुके हैं। ये जल प्रदूषण को दूर करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां छोड़े गए घड़ियाल 11 सौ किलोमीटर (जल मार्ग) दूर मिर्जापुर जिले तक की सैर कर रहे हैं। 

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सौ साल पहले तक गंगा और दूसरी नदियों में लाखों घड़ियाल पाए जाते थे। प्रदूषण और शिकार आदि के चलते घड़ियालों की संख्या इतनी घट गई थी कि 70 के दशक में ये सिर्फ दो सौ के करीब ही रह गए थे। सन 1974 में सरकार और वन विभाग ने घड़ियालों को संरक्षण व पुनर्वास के प्रयास शुरू किए तो 30 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 15 सौ के करीब हो गई। लेकिन इसके बाद फिर से इनकी संख्या घटने लगी। घड़ियाल को बचाने के लिए वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) और वन विभाग की तरफ से हस्तिनापुर सेंक्चुरी से घड़ियालों के संरक्षण का काम किया गया। घड़ियाल पुनर्वास केंद्र कुकरैल लखनऊ में घड़ियाल के अंडों को संरक्षित किया जाता है। इसके बाद अंडों से बच्चे निकलने के तीन साल तक उनको वहीं पर रखा जाता है। तीन साल की उम्र के बाद जब वह तेज बहाव पानी में रहने के अनुकूल हो जाते हैं तो उनको गंगा समेत दूसरी नदियों में छोड़ दिया जाता है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव बताते हैं कि अब तक टीम द्वारा 788 घड़ियाल गंगा में छोड़े जा चुके हैं। यहां छोड़े गए घड़ियालों की लोकेशन मिर्जापुर और प्रतापगढ़ तक चिह्नित की जा चुकी है। यानी 11 सौ किलोमीटर के क्षेत्र में यह घूमते रहते हैं। बहुत से घड़ियाल आगे चले गए हैं। फिलहाल बिजनौर बैराज से लेकर ब्रजघाट तक 35 से 40 घड़ियाल हैं। 
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घड़ियाल के बारे में ये भी जानें 
- घड़ियाल की औसत उम्र 50 से 60 साल तक होती है। वैसे ये 100 साल तक भी जिंदा रह जाते हैं।
- घड़ियाल का पसंदीदा आहार मछलियां होती हैं, यह इंसान से डरते हैं।
- मगरमच्छ जहां ठहरे पानी में रहते हैं, वहीं घड़ियाल बहने वाली नदियों में रहना पसंद करते हैं।
- घड़ियाल अपना जबड़ा पूरा नहीं खोल सकते, जिसके कारण वे छोटे शिकार करते हैं।
- वयस्क घड़ियाल की औसत लंबाई 3.5 से 4.5 मीटर (11 से 15 फीट) औसत भार 150-250 किलोग्राम होता है।
- गति पानी में 30 किमी प्रति घंटा एवं जमीन पर 17 किमी घंटा होती है।

आज से बिजनौर बैराज से डॉल्फिन की गणना का काम शुरू 
गंगा में सोमवार से बिजनौर बैराज से डॉल्फिन की गणना का काम शुरू हो गया है। पिछली बार यहां से नरौरा बैराज तक 35 डॉल्फिन दिखीं थी। इस बार जीपीएस लोकेशन के जरिए उनको चिह्नित किया जाएगा। डॉल्फिन हर तीन मिनट में पानी से बाहर आकर गोता लगाती है, इसी के आधार पर इसकी गणना की जाती है। वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की दों टीमें वोट के जरिए गणना करेंगी।

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