मुसलमान नहीं, कुछ दलों की राजनीति खतरे में: हसन रिजवी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन सैय्यद गयारुल हसन रिजवी ने कहा कि देश में न मुसलमान खतरे में है, न हिंदू। कुछ लोगों की राजनीति खतरे में जरूर है। मोदी सरकार में सभी योजनाओं का लाभ पहली बार सीधे मुस्लिमों तक पहुंचा है। धर्म-जाति के आधार पर योजनाएं नहीं चली है। कक्षा आठ से ऊपर मुस्लिम बच्चे केवल 40 प्रतिशत ही पढ़ते थे। बीते पांच साल में यह 70 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं। मुस्लिम ही नहीं पूरे देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता के प्रति लोग जागरूक हुए हैं। यह सभी बातें उन्होंने मुजफ्फरनगर में शनिवार को कही।
श्रीराम कॉलेज में लॉ डिपार्टमेंट के कार्यक्रम में भाग लेने आए रिजवी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि देश में अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक सब सुरक्षित हैं। देश मोदी के मजबूत हाथों में है। जो लोग यह कहते हैं कि मुसलमान खतरे में है, उन लोगों ने आजादी के बाद से आज तक मुसलमान को केवल वोट बैंक के रूप में छला है। मुसलमान गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी से परेशान था। पांच सालों में देश के विकास की जितनी भी योजनाएं चली हैं, मुसलमानों का इन योजनाओं से सभी समाजों के साथ आर्थिक और सामाजिक उत्थान हुआ है। पीएम आवास योजना में हिंदू को मकान मिल रहा है तो मुसलमान को भी मिल रहा है, आयुष्मान भारत हो, श्रम योगी हो, किसान सम्मान योजना हो सभी में मुसलमानों को बराबर लाभ मिल रहा है। देश के मुसलमानों में शिक्षा और स्वच्छता को लेकर माहौल बना है। इसी का नतीजा है कि कक्षा पांच और आठ तक की पढ़ाई के बाद आगे केवल 40 प्रतिशत बच्चे ही पढ़ पाते थे, आज यह संख्या 70 प्रतिशत है। आईएएस की परीक्षा में देश की आजादी के बाद पहली बार 51 मुस्लिम युवाओं का चयन हुआ है। अगर अच्छा माहौल न होता और मुसलमान खतरे में होता, तो ये युवा इतनी अच्छी तैयारी कैसे करते। देश में आज जो माहौल बना है, इसमें मुसलमान को कोई खतरा नहीं हैं, उन राजनीतिक दलों को खतरा पैदा हो गया है, जो इन्हें वोट बैंक समझते रहे हैं। देश और समाज हित में उठाए गए मोदी के कदमों से विपक्ष बौखलाया हुआ है, उन्हें एक बार फिर मोदी आता दिखाई दे रहे हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/