{"_id":"605a4eba8ebc3e8c965c0f73","slug":"hariom-anand-sucide-case-meerut-news-mrt5314029122","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिओम आनंद की खुदकुशी में सुभारती ग्रुप ट्रस्टी अतुल कृष्ण और शेयर होल्डर को क्लीन चिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिओम आनंद की खुदकुशी में सुभारती ग्रुप ट्रस्टी अतुल कृष्ण और शेयर होल्डर को क्लीन चिट
विज्ञापन
हरिओम आनंद की खुदकुशी में सुभारती ग्रुप ट्रस्टी अतुल कृष्ण और शेयर होल्डर को क्लीन चिट
मेरठ। चर्चित आनंद हॉस्पिटल के मालिक की मौत में नामजद सुभारती ग्रुप ट्रस्टी एवं शेयर होल्डरों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। बताया गया है कि 500 करोड़ रुपए बैंक का कर्ज था। इसके चलते हरिओम ने सल्फास खाकर खुदकुशी की। मुकदमे में एफआर लगने पर उनकी बेटी ने एडीजी जोन से शिकायत की। अब एसपी हापुड को जांच सौंपी गई है।
27 जून 2020 को हरिओम आनंद ने मुरलीपुर गॉव में अपने फार्म हाउस पर सल्फास खाकर जान दी। काफी किरकिरी होने पर पुलिस ने हरिओम की बेटी मानसी आनंद की तहरीर पर सुभारती ग्रुप के ट्रस्टी अतुल कृष्ण, मुक्ति भटनागर व हॉस्पिटल के शेयर होल्डर जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, राहुल दास, मुमताज, समय सिंह सैनी समेत नौ लोगों पर केस नौचंदी थाने में पंजीकृत किया था। तत्कालीन एसपी सिटी के साथ गोपनीय मीटिंग को लेकर भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
नौ महीने बीतने के बाद पुलिस ने हरिओम आनंद की मौत के मामले में नामजद सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। मुकदमे में एफआर लगाकर उसे कोर्ट में दाखिल भी कर दी। विवेचक ने अपनी जांच में बताया है कि हरिओम आनंद पर बैंक का 500 करोड़ रुपया बकाया था। इसे लेकर वह काफी डिप्रेशन में थे और उन्होंने इसी के चलते खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
मुकदमे में एफआर लगने की जानकारी पर मानसी आनंद सोमवार को एडीजी मेरठ जोन से मिली। मेरठ पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए एफआर निरस्त कराने की मांग की। मानसी आनंद के शिकायत पत्र पर एडीजी ने यह जांच आईजी रेंज को दे दी। मंगलवार को आईजी प्रवीण कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसपी हापुड़ को सौंप दी है।
विज्ञापन
मेरठ। चर्चित आनंद हॉस्पिटल के मालिक की मौत में नामजद सुभारती ग्रुप ट्रस्टी एवं शेयर होल्डरों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। बताया गया है कि 500 करोड़ रुपए बैंक का कर्ज था। इसके चलते हरिओम ने सल्फास खाकर खुदकुशी की। मुकदमे में एफआर लगने पर उनकी बेटी ने एडीजी जोन से शिकायत की। अब एसपी हापुड को जांच सौंपी गई है।
27 जून 2020 को हरिओम आनंद ने मुरलीपुर गॉव में अपने फार्म हाउस पर सल्फास खाकर जान दी। काफी किरकिरी होने पर पुलिस ने हरिओम की बेटी मानसी आनंद की तहरीर पर सुभारती ग्रुप के ट्रस्टी अतुल कृष्ण, मुक्ति भटनागर व हॉस्पिटल के शेयर होल्डर जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, राहुल दास, मुमताज, समय सिंह सैनी समेत नौ लोगों पर केस नौचंदी थाने में पंजीकृत किया था। तत्कालीन एसपी सिटी के साथ गोपनीय मीटिंग को लेकर भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
विज्ञापन
नौ महीने बीतने के बाद पुलिस ने हरिओम आनंद की मौत के मामले में नामजद सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। मुकदमे में एफआर लगाकर उसे कोर्ट में दाखिल भी कर दी। विवेचक ने अपनी जांच में बताया है कि हरिओम आनंद पर बैंक का 500 करोड़ रुपया बकाया था। इसे लेकर वह काफी डिप्रेशन में थे और उन्होंने इसी के चलते खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
मुकदमे में एफआर लगने की जानकारी पर मानसी आनंद सोमवार को एडीजी मेरठ जोन से मिली। मेरठ पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए एफआर निरस्त कराने की मांग की। मानसी आनंद के शिकायत पत्र पर एडीजी ने यह जांच आईजी रेंज को दे दी। मंगलवार को आईजी प्रवीण कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसपी हापुड़ को सौंप दी है।